लॉकडाउन के कारण खरीदी की रफ्तार धीमी, 25 केंद्र से 10 हजार मेट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य

डिंडौरी।प्रकाश मिश्रा

अन्नदाता की फसलों का उचित मूल्य मिल सके और समय पर किसानों की उपज शासन के गोदामों तक सुरक्षित पहुंच सके इसके लिए मध्यप्रदेश शासन ने जरूरी दिशानिर्देश समस्त जिलों को जारी कर दिया है। वर्तमान में रबी की फसल तैयार हो गई है और शासन के निर्देशानुसार अन्नदाता अपनी उपज को जिले में बनाए गए उपार्जन केंद्रों में निर्धारित मूल्य पर बेच सकते हैं। डिंडोरी जिले में गेहूं की उपज खरीदने के लिए 25 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं सभी केंद्रों में खरीदी प्रारंभ हो चुकी है और क्रमशः किसान अपनी उपज को लाकर केंद्रों में बेच रहे हैं।

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सामाजिक दूरी बनाए रखने के उद्देश्य शासन ने उपार्जन केंद्रों में एक साथ किसान एकत्रित न हो इसके लिए प्रत्येक उपार्जन केंद्रों में पंजीकृत किसानों को मैसेज भेज कर नियत तिथि पर बुलाया जा रहा है। जिला आपूर्ति अधिकारी आरएम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 10 हजार मैट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है अभी तक जिले में 786 पंजीकृत किसानों ने अपनी उपज उपार्जन केंद्रों में दे चुके हैं। सभी 25 केंद्रों में अभी तक 9579 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी ना हो इसके लिए केंद्रों में किसानों के ठहरने एवं पेयजल और छाया की व्यवस्था किए जाने के निर्देश शासन ने जारी किये है ।शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार पहले छोटे किसानों को मैसेज भेजकर उनकी उपज बेचने के लिए निर्देशित किया जा रहा है धीरे-धीरे रकवा वृद्धि के अनुसार किसानों की संख्या उपार्जन केंद्रों में बढ़ाई जा सकती है।

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