इंदौर गैंगरेप पर सवाल – फिलहाल, हकीकत है कोसो दूर, इंदौर आईजी ने कही ये बातें

इंदौर गैंगरेप के संबंध में 150 के करीब सीसीटीवी फुटेज निकाले गए। सभी तथ्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया और अंत मे जो भी निष्कर्ष सामने आए उसके हिसाब से कहा जा सकता है कि घटना सही नहीं पाई गई है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। आधुनिकता की अंधी दौड़ में तेजी से भाग रहे इंदौर में मंगलवार रात को इंदौर पुलिस के सामने एक ऐसी शिकायत आई थी जिसको लेकर प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी सोशल मीडिया के जरिये कई सवाल उठाए थे। लेकिन अब पुलिस कथित गैंग रेप के सवालों के जबाव ढूंढने के बाद इस नतीजे के करीब है कि घटना की असलियत क्या वाकई गैंग रेप है या फिर कुछ और ?

दरअसल, 24 घण्टे पहले इंदौर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई थी और 18 वर्षीय फर्स्ट ईयर की छात्रा का आरोप था कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से पहले अपहरण कर गैंग रेप की वारदात को अंजाम दिया गया और बाद में उसे बोरे में बंद कर 5 आरोपियों ने उसे मारने की कोशिश की थी।

इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के प्रदेश सरकार और इंदौर की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे, जिसका जबाव इंदौर पुलिस ने दे दिया और आईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने मामले में ऐसे खुलासे किये है जो चौंकाने वाले है।

इंदौर आईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने बताया कि महिला अपराधों को लेकर पुलिस बहुत संवेदनशील है और हम देखे तो 2019 के मुकाबले 2020 में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक अलग – अलग अपराधों में कमी भी आई है। इस कड़ी में हम देखे तो मंगलवार को एक बड़ा संवेदनशील मामला सामने आया था जिसमे महिला ने कई तरह की शिकायतें की और कुछ 4 से 5 लोगो के विरुद्ध और उसमें 307 से लेकर के 376 तक कि गम्भीर धाराएं थी। उस पूरे मामले को पुलिस ने अत्यंत गम्भीरता से लिया गया। उसमे पूरी पुलिस टीम ने घटना की पूरी जानकारी मिलते ही लगातार रातभर काम किया।

घटना के संबंध में 150 के करीब सीसीटीवी फुटेज निकाले गए। सभी तथ्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया और अंत मे जो भी निष्कर्ष सामने आए उसके हिसाब से कहा जा सकता है कि घटना सही नहीं पाई गई है। घटना में बहुत सारे तथ्य विरोधाभासी पाएं गए है। घटना के समय जो भी साक्ष्य, तथ्य, सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल परीक्षण से जुड़ी सारी चीजों को लेकर पुलिस ने जो तथ्य एकत्रित किये है। इन सभी चीजों को जोड़कर घटना काफी हद तक संदिग्ध पाई गई है और जो भी तथ्य पाए गए उसके हिसाब से पुलिस आगे वैधानिक कार्रवाई करेगी।

आईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने ये भी कहा कि कोई भी शिकायत आती है तो पुलिस उसे सत्य मानकर विवेचना करती है और सबसे पहले उन तथ्यों का परीक्षण करती है। जिन तथ्यों पर आरोप लगाए जाते है या घटना का पूरा ढांचा तय होता है। पुलिस ने ताजा मामले को उतनी ही संवेदनशीलता के साथ लिया और पुलिस ने रातभर हर तथ्य से जुड़े बिंदु का परीक्षण किया और अंततः घटना में जो तथ्य आये वो तथ्य जो थे वो भ्रामक और निराधार पाए गए। अभी जितने भी तथ्यों की जानकारी ली गई है उनकी पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं जहां तक आरोप लगाने की बात है तो पुलिस उसके पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है। आखिर युवती ने क्यों इस तरह के भ्रामक आरोप लगाए है और पुलिस की आगे की इन्वेस्टिगेशन में ये सारी बात सामने आएगी।

आईजी ने मीडिया को बताया कि आईपीसी में समान रूप से कोई आरोप परीक्षण में झूठा पाया जाता है तो 182 और 211 के अंतर्गत आवेदक के विरुद्ध ख़ारजी की कार्रवाई की जाती है। पुलिस इस मामले में भी सारे तथ्यों को जुटा रही है। वही उन्होंने बताया कि इस मामले में जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया था उससे पुलिस ने सभी चीजों और तथ्यों की पुष्टि की है लेकिन इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नही हुई है क्योंकि गिरफ्तारी के पहले की आवश्यक शर्त होती है कि घटना से जुड़े तमाम तथ्य, मेडिकल परीक्षण और आस पास वैज्ञानिक साक्ष्य हो उनको सत्यापित किया जाए।अगर सत्यापन में उन तथ्यों की पुष्टि होती है तब ही गिरफ्तारी की जाती है लेकिन इस मामले में प्रथम दृष्टया ऐसा नही हो पाया इसलिये किसी की गिरफ्तारी नही की गई थी। आईजी ने ये भी बताया कि फिलहाल, इस मामले में जांच जारी है।