CWC की बैठक में भड़के राहुल गाँधी, सोनिया ने की इस्तीफे की पेशकश

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट

कांग्रेस(congress) में नेतृत्व परिवर्तन और संगठन चुनाव(Organization election) की मांग को लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी(Congress working committee) की बैठक जारी है। इसी बीच पार्टी की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी(Interim President Sonia Gandhi) ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। वहीं कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस(Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी(Former President Rahul Gandhi) ने सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर जमकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने पार्टी नेतृत्व के मुद्दे पर पत्र लिखे गए नेताओं से यह सवाल किया है कि जब पार्टी राजस्थान(Rajasthan) और मध्यप्रदेश(Madhyapradesh) में विपक्ष(Opposition) से लड़ रही थी। जिस वक्त सोनिया गांधी अस्वस्थ थी। यह पत्र आखिर उस वक्त ही क्यों लिखा गया। वहीँ राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बीजेपी(BJP) की संलिप्तता भी जाहिर की है।

दरअसल आ रही खबरों के मुताबिक राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कहा कि जब सोनिया गांधी अस्वस्थ थी। उस समय आखिर इस पत्र को लिखे जाने का क्या मतलब था। इसी के साथ राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी संबंधित मुद्दों की चर्चा कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में होना चाहिए, ना की सार्वजनिक रूप से मीडिया(Media) में होनी चाहिए। राहुल गांधी ने बैठक में यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व को लेकर लिखी चिट्टी को जिस तरह से मीडिया में लीक(Leak) किया गया है। इससे उन्हें काफी ठेस पहुंची है। हालांकि सिर्फ राहुल गांधी ने नहीं बल्कि कैप्टन अमरिंदर सिंह(Captain Amarinder Singh) सहित कुछ अन्य नेता ने भी नेताओं द्वारा पार्टी नेतृत्व पर लिखी गई चिट्ठी की टाइमिंग(Timing) पर सवाल खड़ा किया है।

दूसरी तरफ सोनिया गांधी के पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की ऐलान के बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह(Former Prime Minister Manmohan Singh), पूर्व मंत्री एके एंटनी(Former Minister AK Antony) सहित कई बड़े नेताओं ने उन्हें पद पर बने रहने की अपील की। जबकि कुछ अन्य वरिष्ठ नेता जैसे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत(Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot), छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल(Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel) सहित पार्टी के अन्य कई वरिष्ठ एवं युवा नेताओं का मानना है कि पार्टी का अध्यक्ष गांधी परिवार से ही कोई व्यक्ति होना चाहिए क्योंकि गांधी परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकती हैं।

बता दें कि पार्टी में संगठन चुनाव नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी तूफान उस वक्त खड़ा हुआ जब कांग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद(Ghulam Nabi Azad) समेत कुल 23 नेताओं ने चिट्ठी लिखकर पार्टी के नेतृत्व में बदलाव की मांग की थी और एक पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने को कहा था।