डिजिटल डेस्क,दिल्ली। केंद्र के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन का आज 85वां दिन है। आंदोलन को तेज करने के लिए और सरकार पर दबाव डालने के लिए आज किसान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देशभर में रेल रोको अभियान करेंगे। जिसे देखते हुए रेलवे खास तैयारी की है। बता दें कि किसान संघों की संस्था संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने पिछले हफ्ते ही कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की अपनी मांग के लिए रेल रोको अभियान की घोषणा की थी । इस पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि रेल रोकने के दौरान बच्चों को दिक्कतें नहीं हों, इसके लिए इंतजाम किए गए हैं।

रेलवे ने तैनात किए 20 हजार से अतिरिक्त जवान
किसानों के रेल रोको अभियान की घोषणा को देखते हुए देशभर में रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF)की 20 एक्स्ट्रा कंपनियां यानी करीब 20 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। इनमें से ज्यादा सैनिकों की तैनाती पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में की गई है। ऐसे में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के DG अरुण कुमार ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें और ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को इसे परेशानी न हों।

भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष-कृषि कानूनों की वापसी तक वे अपने घरों को नहीं लौटेंगे
भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चंढूनी ने एक बार फिर कहा है कि उनका संगठन किसानों के हितों के लिए लड़ रहा है और नए कृषि कानूनों की वापसी तक वे अपने घरों को नहीं लौटेंगे। चंढूनी ने कहा कि देशभर में पंचायत और महापंचायत जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि केंद्र सरकार आम लोगों की नहीं बल्कि कॉरपोरेट्स की है।

2 महीनें से ज्यादा दिनों से चल रहा आंदोलन

दरअसल, किसान आंदोलन को अब 2 महीनें से ज्यादा बीत गया है। किसान इस बात पर अड़े है कि सरकार तीनों कानूनों को वापस ले। इसके चलते पिछले दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन चल रहा है। 26 जनवरी को भी एक उग्र हिंसा इस के चलते हुई थी ।