रेलवे यूनियन: मजदूर संघ का कब्जा, नीलम कौर और वाजिद खान बने जेसी बैंक के डायरेक्टर

हारे हुए संघ रेलवे यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर सिंह का कहना है की ज्यादा उम्मीदवार होने से वोट बंट गए। इसका नुकसान हुआ। समीक्षा करेंगे। अब मान्यता चुनाव के लिए मेहनत करेंगे।

रेलवे यूनियन

रतलाम, सुशील खरे। रतलाम रेल मंडल में रेलवे के 13 हजार कर्मचारियों की दी जेक्शन काे-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी ऑफ द एम्प्लाइज ऑफ द वेस्टर्न रेलवे लिमिटेड ( जेसी बैंक ) के अगले डायरेक्टर वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ ( वेरेमसं ) की नीलम कौर और वाजिद खान बन गए । यह मजदूर संघ की लगातार दूसरी जीत है। 2015 में मजदूर संघ के ही दोनों उम्मीदवार जीते थे । उसके पहले 20 सालों तक वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन का कब्जा रहा।

री-काउंटिंग के बाद शनिवार रात 11.20 बजे अंतिम फैसला आया। मजदूर संघ की महिला उम्मीदवार नीलम कौर ( 3173 वोट ) ने वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ( वेरेएयू ) की रंजीता वैष्णव ( 2256 वोट ) को 817 वोट से हराया। पुरुष उम्मीदवार में मजदूर संघ के वाजिद खान ( 2758 वोट ) ने एम्पलाइज यूनियन के सुनील चतुर्वेदी ( 2027 वोट ) को 731 वोट से हराया। बाकी 11 उम्मीदवारों में से कोई भी 1500 वोट तक नहीं ला पाया। इनमें भी 4 जमानत तक नहीं बचा पाए। शुक्रवार रात काउंटिंग शीट में 900 वोट का अंतर के बाद वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन सहित अन्य उम्मीदवारों के आपत्ति लेने के बाद शनिवार सुबह 11 बजे से री-काउंटिंग शुरू थी हुई। उक्त जानकारी संघ के मीडिया प्रभारी गौरव दुवे में देर रात मीडिया को दी

जानिए, किसे-कितने वोट मिले

पुरुष उम्मीदवार- अशोक तिवारी 129 महेंद्र गौतम 306 मुकेश मीणा 1211 रामप्रसाद 1264 रणधीर गुर्जर 347 सुनील चतुर्वेदी 2027 सुरेंद्र राव 173 विमल सिंह 1066 वाज़िद खान 2758

महिला उम्मीदवार- इंदू सिन्हा 1171, खुशबू 1144, नीलम कौर 3173, रंजीता वैष्णव- 2256, सरस्वती-1454
वोट रिजेक्ट- 779

76.58  फीसदी मतदान हुआ था। मंडल के 13237 वोटर्स में से 10137 ने महिला व पुरुष डायरेक्टर के लिए अलग-अलग वोट डाला था। 779 वोट रिजेक्ट हो गए। मजदूर संघ के महामंत्री बीके गर्ग और प्रवक्ता सौरव दुवे ने बताया की जबरन विवाद किया जीत तो शुक्रवार को हो गई थी। शनिवार को नतीजा वही रहा। हारने वालों ने जबरन विवाद की स्थिति बनाई थी। उधर हारे हुए संघ रेलवे यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर सिंह का कहना है की ज्यादा उम्मीदवार होने से वोट बंट गए। इसका नुकसान हुआ। समीक्षा करेंगे। अब मान्यता चुनाव के लिए मेहनत करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here