Ranchi Travel: मानसून की शाम का लेना चाहते हैं आनंद, जरूर घूमें रोज आइलैंड, देखें मनमोहक नज़ारे

Ranchi Travel: झारखंड की राजधानी, रांची, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। यह शहर पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है, जो यहां के मनोरम दृश्यों, रोमांचक गतिविधियों और ऐतिहासिक स्थलों का आनंद लेने आते हैं। रांची में घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें हैं, जिनमें शामिल हैं।

भावना चौबे
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Ranchi Travel: झारखंड में स्थित रोज़ आइलैंड, अपनी मनमोहक सुंदरता के लिए जाना जाता है। सूर्यास्त के समय, जब आसमान गुलाबी रंगों से जगमगाता है, तो यह द्वीप एक और भी अद्भुत नज़ारा पेश करता है। यहां , आप शांत वातावरण में प्रकृति का आनंद ले सकते हैं, नौका विहार कर सकते हैं, या पिकनिक मना सकते हैं। रोज आइलैंड, बच्चों के साथ घूमने के लिए भी एक बेहतरीन जगह है। यहां उन्हें रंगीन फूलों, खिलखिलाते पेड़ों और विभिन्न प्रकार के पक्षियों को देखने का मौका मिलेगा। यदि आप झारखंड घूमने जा रहे हैं, तो रोज आइलैंड अवश्य जाएं। खासकर, यदि आप सूर्यास्त के समय वहाँ पहुँच सकें, तो यह अनुभव आपके लिए अविस्मरणीय होगा।

कैसे पहुंचे “रोज आइलैंड”

यह रांची से लगभग 25 किलोमीटर दूर मांझी शहर के पास स्थित एक रमणीय द्वीप है। गेतलसूद बांध का एक हिस्सा, रोज आइलैंड आपको एक शांत और सुकून देने वाला अनुभव प्रदान करता है, जो शहर के कोलाहल से दूर एक ताज़ा बदलाव है। द्वीप तक पहुंचने के लिए, आप रांची से बस या टैक्सी ले सकते हैं और फिर मांझी से एक नाव किराए पर ले सकते हैं। रास्ते में, बांध के शांत जल पर नज़र डालें और आसपास की हरी-भरी पहाड़ियों की खूबसूरती में खो जाएं। रोज आइलैंड पर पहुंचने पर, आप मात्र ₹10 के मामूली से शुल्क का भुगतान कर प्रवेश कर सकते हैं।

क्यों खास है “रोज आइलैंड”

एक बार द्वीप पर पहुंचने के बाद, आप खुद को प्रकृति की बाहों में पाएंगे। पेड़-पौधों की हरीतिमा, रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू और पक्षियों की मीठी चहचहाट आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। आप शांत बांध के पानी में नौका विहार का मज़ा ले सकते हैं, या फिर किनारे पर बैठकर सूर्यास्त के मनमोहक नज़ारों का आनंद ले सकते हैं। रोज आइलैंड पिकनिक मनाने के लिए भी एक आदर्श स्थान है। अपने प्रियजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद लें, पेड़ों के नीचे आराम करें और प्रकृति की शांति का अनुभव करें। द्वीप विभिन्न प्रकार के पक्षियों का भी घर है, जो पक्षी देखने के शौकीनों के लिए एक स्वर्ग है।

इसे “रोज आइलैंड” क्यों कहा जाता है?

क्या आपने कभी सोचा है कि इसे “रोज आइलैंड” क्यों कहा जाता है? इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है। कहा जाता है कि सूर्यास्त के समय, जब सूरज की सुनहरी किरणें द्वीप पर पड़ती हैं, तो आसमान गुलाबी रंगों से जगमगा उठता है। इस दौरान, द्वीप का नजारा एक खिलते हुए गुलाब की तरह दिखाई देता है, यही वजह है कि इसे “रोज आइलैंड” नाम दिया गया। गुलाबी रंगों से नहाया द्वीप का यह मनमोहक दृश्य रोमांटिक जोड़ों के लिए एक आकर्षक स्थान बनाता है। रोज आइलैंड रांची का एक छुपा हुआ खजाना है। यह द्वीप अभी भी पर्यटकों की भीड़ से दूर है, जो इसे शांति और प्रकृति का आनंद लेने के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है। मानसून के दौरान, जब आसपास के क्षेत्र हरे-भरे हो जाते हैं, तो रोज़ आइलैंड अपनी सुंदरता में और भी निखर जाता है।


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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