महाराष्ट्र राजनीतिक संकट : शिंदे गुट ने MVA से समर्थन वापस लिया, शिवसेना नेता को ED का नोटिस

शिवसेना ने शिंदे समूह के 16 विधायकों को नोटिस जारी किया है, अगर ये विधायक 48 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इस नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और इस पर सुनवाई हो रही है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार अल्पमत में है। एकनाथ शिंदे गुट ने घोषणा की है कि उसने इस सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। शिंदे समूह की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। शिंदे गुट ने स्पष्ट किया है कि 38 विधायकों के एक समूह ने उस समय सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। विधानसभा में शिवसेना के 55 विधायक हैं। शिंदे समूह के दावे के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार के पास सिर्फ 115 विधायक बचे हैं इसलिए उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 144 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

शिवसेना ने शिंदे समूह के 16 विधायकों को नोटिस जारी किया है, अगर ये विधायक 48 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इस नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और इस पर सुनवाई हो रही है।

संजय राउत को ED का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर जारी सुनवाई के बीच ED ने शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत को नोटिस भेजा है। ये कोई जमीन घोटाले से जुड़ा हुआ मुद्दा है, जिसके लिए ED ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है।

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