रिलायंस की लापरवाही: डंपर की चपेट में आया बोलेरो, उड़े परखच्चे, दो की दर्दनाक मौत

सबसे बड़ी बात सिंगरौली जिलेवासियों की जमीनें कंपनी ने औने पौने दामों में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के दबाव में लेकर अपनी कंपनियां तो डाल दी लेकिन युवा बेरोजगारी और अकाल मौत का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है।

सिंगरौली, राघवेन्द्र सिंह गहरवार। रिलायंस के सासन पॉवर लिमिटेड कोल ब्लॉक अमलोरी के खदान में दीपावली के दिनो ही दो घरों का चिराग बुझ गया। बताते है कि शनिवार को सायं 5:30 बजे के लगभग नवानगर थाना क्षेत्र के अमलोरी गांव निवासी व खुटार चौकी क्षेत्र के खटखरी गांव निवासी की खदान में कार्य के दौरान एक बोलेरो से जा रहे थे कि इतने में ही अचानक होल पैक डंपर के चपेट में आ गये। शनिवार की सायं हुई इस घटना में जहां बोलेरो चालक सहित सामने बैठे हुये व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं पीछे के सीट पर बैठे लोग गंभीर रूप से घायल है।जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।उक्त घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है,वही परिजनों ने देर रात तक मुआवजे की बात को लेकर अड़े रहे।उनकी मांग थी कि कंपनी उनके आश्रितो को 50-50 लाख रुपये मुआवजा व कंपनी में स्थाई नौकरी दे।परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबन्ध की लापरवाही से खदान में दुर्घटना हुई है। उधर स्थानीय लोगों की माने तो कंपनी प्रबंधन खदान में सुरक्षा व सेफ्टी को लेकर काफी अनदेखी की है,जिसका नतीजा है कि खदान में आज इस तरह की बड़ी घटनाएं हुई है

आपको बता दे कि रिलायंस कंपनी हादसों का गढ़ बन गई है। अब तक ऐश डैम सहित कई मामले सामने आये है और न जाने कितने घरो का अब तक चिराग रिलायंस कंपनी द्वारा बुझा दिया गया। आज तक कंपनी प्रबंधन पर कोई कार्यवाही नही हुई।सूत्रों की माने तो लाश पर राजनीति करने वाले नेताओं व जनप्रतिनिधियों का कंपनी से लगाव के कारण आज तक कंपनी प्रबंधन पर कोई कार्यवाही नही हुई।

इतना ही नही रिलायंस कंपनी की लापरवाही से जब ऐश डैम फूटने से दो मासूमो सहित कई लोगो की मौत हो गई थी उस समय तत्कालीन जिला कलेक्टर केवीएस चौधरी द्वारा कंपनी प्रबंधन पर मामला दर्ज कर जांच के आदेश दे दिए थे जिसके कारण केंद्र तक अपनी पहुंच रखने वाले अम्बानी कंपनी पर जिला कलेक्टर को हाथ डालना महंगा पड़ गया और उन्हें जिले से तबादला कर दिया गया या ये कहे की जो जनता की आवाज उठाएगा और यहाँ की कंपनी पर कार्यवाही करेगा भाजपा सरकार में उसका तबादला होना निश्चित ही है।

सबसे बड़ी बात सिंगरौली जिलेवासियों की जमीनें कंपनी ने औने पौने दामों में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के दबाव में लेकर अपनी कंपनियां तो डाल दी लेकिन युवा बेरोजगारी और अकाल मौत का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है।जहाँ एक तरफ लोग अपने घरों में चिराग जलाकर घरों को रोशन कर खुशियां मना रहे थे। वही दो घरों के चिराग कंपनी ने बुझा दिया घर मे खुशियों की जगह मातम छा गया।

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निष्क्रिय है जनप्रतिनिधि व सिंगरौली नेता- युवा संगठन

युवा संगठन के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कल की घटना के बाद जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सिंगरौली जिले के चुने हुए जनप्रतिनिधि व नेता जनता के हितैसी नही बल्कि कंपनी के हितैसी है।चुनाव के समय नेताओ को जनता की याद आती है कोई ससुराल मायका तो बेटी बहु बन जाती है तो कई नेता अपने को किसान का बेटा और आम जनता का सेवक कहते है लेकिन कुर्सी मिलने के बाद जनता के बीच जाना तो दूर फॉर्च्यूनर का सीसा तक नीचे नही होता।

आगे वर्मा ने कहा कि हमे अच्छी तरफ याद है सांसद विधायक के चुनाव के समय किये हुए वादे लेकिन आज तक एक भी वादा सांसद विधायक के द्वारा पूरा नही किया गया।नेताओ के भेष में ब्यापारी है जो खुद का व्यापार चला रहे है पार्टी की आड़ में।आये दिन हो रही घटनाओं को लेकर युवा संगठन अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि आखिर कब तक सिंगरौली का चिराग बुझता रहेगा आखिर यहाँ जनप्रतिनिधि,नेतागण व जिला प्रशासन धृतराष्ट्र क्यो बने है

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