राहत: प्रदेश में शनिवार को थमा कोरोना का कहर, 63 मरीज ठीक हो पहुंचे घर

भोपाल।

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच शनिवार का दिन काफी राहत भरा रहा। पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमण से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई। वहीं राजधानी भोपाल में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया। हालांकि इंदौर में 9 और जबलपुर में पांच नए पॉजिटिव के सामने आए हैं। इसके साथ ही प्रदेश भी संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1402 हो गई है। वहीं अब तक 69 लोग इस बीमारी से अपनी जान गवा चुके हैं।

प्रदेश के लिए कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए शनिवार का दिन एक सुखद परिणाम सामने लेकर आया। जहां राजधानी के चिरायु मेडिकल कॉलेज से 28 संक्रमित मरीजों के ठीक होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। कुल 33 लोग अब तक ठीक हो अपने घर लौट चुके हैं। जिनमें से 11 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं। वहीं शनिवार को इंदौर से कुल 35 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद घर भेजा गया। इधर ग्वालियर से भी 4 मरीज अस्पताल से ठीक हो अपने घर लौट गए हैं। वही कोरोना संक्रमण के खतरे में तेजी से जांच के लिए 30,000 रैपिड टेस्ट किट रविवार को प्रदेश को मिल जाएगी। केंद्र द्वारा भेजी जा रही है ये किट्स इंदौर भेजी जाएगी। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग हो सके।

इसके साथ शनिवार को धार में 10, इंदौर में 9, जबलपुर में पांच, अलीराजपुर में तीन, इटारसी में दो, राजगढ़ में एक और सागर में 1 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद प्रदेश में अब कुल 28 जिले कोरोना संक्रमित हो गए हैं। जिसमें अब तक इंदौर में 890, भोपाल में 189, खरगोन में 39, खंडवा में 32, उज्जैन में 28, जबलपुर में 20, होशंगाबाद में 20, बड़वानी में 24, देवास में 18, मंदसौर में 8 मुरैना में 14 रतलाम में 12 विदिशा में 13 ग्वालियर में छह शाजापुर में सात रायसेन 19 आगर मालवा 5, श्योपुर 9, सतना 2, शिवपुरी दो, बैतूल एक, सागर दो, उमरिया एक, टीकमगढ़ एक, राजगढ़ एक, अलीराजपुर में तीन शंकर मित्रों के साथ प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 1402 हो गए हैं। वह अब तक इसकी चपेट में आने से 69 मौतें भी हो चुकी है।

इसी बीच शनिवार को उद्योगपतियों से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि संक्रमित क्षेत्र में अभी कोई उद्योग शुरू नहीं किए जाएंगे। वहीं 20 अप्रैल से संचालित की जा रहे उद्योग प्रशासन द्वारा जारी पास के जरिए ही मजदूर अपने कार्यस्थल पर आ-जा सकेंगे।