Video : विवादित बयान पर बवाल के बाद सज्जन वर्मा ने जताया खेद, अपनी बात पर कायम

कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा ने ट्वीट कर कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना” और “कन्यादान योजना” के भुगतान को टालने के लिये शिवराज शादी की उम्र बढ़ाना चाहते है। शिवराज और भाजपा से कहना है कि राई का पहाड़ बना अपनी डर्टी पॉलिटिक्स करने से अच्छा है कि बेटियों की सुरक्षा और विकास के लिए कोई ठोस कदम उठायें।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के बयान पर पलटवार करते हुए लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर दिए गए बयान पर मचे बवाल के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Verma) ने सफाई दी है| उनका कहना है कि गलती से मुंह से मातृत्व की जगह प्रजनन शब्द निकला, जिसका मुझे खेद है। लेकिन में अपनी बात पर अब भी कायम हूँ।

कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा ने ट्वीट कर कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना” और “कन्यादान योजना” के भुगतान को टालने के लिये शिवराज शादी की उम्र बढ़ाना चाहते है। शिवराज और भाजपा से कहना है कि राई का पहाड़ बना अपनी डर्टी पॉलिटिक्स करने से अच्छा है कि बेटियों की सुरक्षा और विकास के लिए कोई ठोस कदम उठायें। उन्होंने आगे लिखा अपनी नाकामी को ढकने के लिए 21वर्ष का नया जुमला लाये है शिवराज। शादी की उम्र मताधिकार की उम्र से जोड़कर देखी जाती है हमारे समाज में, भाजपा सरकारें मताधिकार की उम्र भी 21 वर्ष करना चाहती है जिसकी शुरुआत के रूप में वह शादी की उम्र में बदलाव करना चाहती है|

सज्जन वर्मा ने वीडियो जारी कर कहा कि मेरे बयान को तथाकथित बीजेपी के लोगों ने षड्यंत्रपूर्वक बवाल मचाने की साजिश की है| शिवराज बच्चियों की शादी की उम्र 21 वर्ष क्यों करना चाहते हैं, इसके पीछे तथ्य यह हैं कि लाड़ली लक्ष्मी योजना” और “कन्यादान योजना” के एक दो साल में बेटियों को भुगतान करना है, इस भुगतान को शिवराज टालना चाहते हैं, इसलिए शिवराज शादी की उम्र 21 साल करने की पैरवी कर रहे हैं|

गौरतलब है कि सज्जन सिंह वर्मा ने बुधवार को राजधानी भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने के बयान पर पलटवार करते हुए विवादित बयान दिया था| उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के अनुसार 15 साल की उम्र में लड़किया प्रजनन के योग्य हो जाती है, तो उनकी शादी की उम्र में बदलाव करने की क्या जरूरत है। उनके इस बयान पर जमकर बवाल मचा, भाजपा ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस को निशाने पर लिया| इस मामले में नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) ने भी सज्जन सिंह वर्मा को नोटिस भेजा है| इस बीच गुरूवार को कांग्रेस नेता ने अपने बयान पर सफाई देते हुए खेद जताया है|