विंध्य-बुंदेलखंड को लेकर सज्जन वर्मा ने साधा सरकार पर निशाना, विजयवर्गीय को दी चुनौती

मेरे माता - पिता ने तो मुझे अच्छे संस्कार दिए है, विजयवर्गीय को तमीज सीखना चाहिए, और सीधे कहा कि दम है कैलाश विजयवर्गीय तो सज्जन वर्मा के खिलाफ बोल, मेरे स्वर्गीय माता पिता के खिलाफ बोलने में तुम ही शर्मसार हुए हो

इंदौर, आकाश धौलपुरे। कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Varma) ने मध्यप्रदेश सरकार, भाजपा  (BJP) और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya)पर जमकर निशाना साधा है। वर्मा ने भाजपा  के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya)द्वारा दिये संस्कार वाले बयान पर कहा कि मेरे माता – पिता ने तो मुझे अच्छे संस्कार दिए है, विजयवर्गीय को तमीज सीखना चाहिए, और सीधे कहा कि दम है कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) तो सज्जन वर्मा (Sajjan Varma)के खिलाफ बोल, मेरे स्वर्गीय माता पिता के खिलाफ बोलने में तुम ही शर्मसार हुए हो। सज्जन वर्मा (Sajjan Varma)तो छाती खोलकर घूमता है  दम हो तो आमने सामने बैठकर शास्त्रार्थ कर ले जिस भी विषय पर चाहे। वही वर्मा ने कहा कि एक बात लिख लो कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya)बंगाल में भटक रहा है। एक दिन ये ही व्यक्ति ममता बनर्जी के पैरों में जाकर गिरेगा और कहेगा चुनाव के बाद कि दीदी तुम ही मुख्यमंत्री बन जाओ हमें स्वीकार है।

इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए  वर्मा ने तीखे तेवर दिखाते हुए सभी राजनैतिक पार्टियों से कहा कि वो नाम बदलने के खेल से पीछे हट जाएं, नाम तो वर्षो से चले आ रहे हैं,  नाम बदलने से क्या हो जाएगा इससे बेहतर है राजनेता अपने कर्मो को महान करें  ताकि उनका नाम भी किसी सड़क, मोहल्ले में लिख दिया जाए।

वही विंध्य को अलग प्रदेश का दर्जा दिए जाने के सवाल पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Varma)ने कहा कि हम तो पहले से ही बोल रहे है कि राज्य छोटे होने चाहिये और कांग्रेस के ही शासनकाल में उत्तरप्रदेश से उत्तराखंड बनाया, हमने मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ बनाया और हमारे ही शासन में आंध्रप्रदेश और तेलंगाना बनाया। हम छोटे राज्यो के पक्षधर हैं  और सबको प्रतिनिधित्व मिले और सबका तेजी से विकास हो। वही नारायण त्रिपाठी और अजय विश्नोई को लेकर वर्मा ने कहा कि उनका फस्ट्रेशन तीन बार उनके मन से निकलकर बाहर आ गया है। विंध्य और बुंदेलखंड को सही प्रतिनिधित्व नहीं  दिया जा रहा है।

उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि अजय विश्नोई को क्यों नही बुलाया गया उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयान दिया लेकिन उस व्यक्ति को मैं सच्चा मानता हूं। वही उन्होंने कहा कि विंध्य और बुंदेलखंड की पीड़ा है कि बीजेपी उनके साथ दोगलापन कर रही है। वही नारायण त्रिपाठी की आवाज को वर्मा ने समूचे विंध्याचल की आवाज बताते हुए कहा कि बीजेपी सबकुछ निगलेक्ट  कर रही है. बुंदेलखंड और विंध्याचल को भी। बुंदेलखंड को भी अलग करने की मांग उठ चुकी है और विंध्याचल की भी मांग उठ रही है।ऐसे में वहां के राजनेताओं को निगलेक्ट करने कमलनाथ को या कांग्रेस को फायदा मिले लेकिन वहां की जनता की आवाज तो सही है।