सारंग का दिग्गी पर निशाना, अराजकता फैलाते हैं वे, बात कृषि बिल की, पहुंच रहे गोधरा 

सारंग का दिग्गी पर निशाना, अराजकता फैलाते हैं वे, बात कृषि बिल की, पहुंच रहे गोधरा 

भोपाल, ङेस्क रिपोर्ट। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के गोधरा वाले बयान पर मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग (Vishvas Sarang) ने पलटवार किया है उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को दिन रात सिर्फ अराजकता फैलाना है बात जब कृषि बिल की हो रही है और वो गोधरा पर पहुंच रहे हैं।

मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग (Vishvas Sarang) ने कहा कि कांग्रेस को किसानों की फिक्र पहले करनी चाहिये थी।  कर्जमाफी की बात कांग्रेस ने की थी लेकिन नहीं हुई  उन्होंने कहा कि  कांग्रेस ने 15 महीने की सरकार में किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया। कमलनाथ और कांग्रेस वाकई किसान हितैषी हैं तो मैं चुनौती देता हूँ रॉबर्ट वाड्रा से किसानों की जमीन छुड़वाकर बताएं।

केके मिश्रा को प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग का सचिव बनाये जाने पर विश्वास सारंग (Vishvas Sarang) ने कहा कि  वे योग्य व्यक्ति हैं उन्हे पहले पद मिलना था लेकिन जब सरकार रहती है तब कांग्रेस उन्हें नहीं पूछती। उन्होंने तंज कसा कि अब जीतू पटवारी का क्या होगा ? चिकित्सा शिक्षा मंत्री  ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मेडिकल स्टूडेंट को हेल्थ और दुर्घटना बीमा दिया जाएगा यह निर्णय सरकार ने लिया है।

माफिया राज से जुड़े सवाल पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में माफियागिरी होती थी हमारी सरकार में नहीं चल सकती, जो तथाकथित माफिया हैं उन्हें बक्शा नहीं जाएगा हम हर घटना पर नज़र बनाये हुए हैं वहीँ दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए विश्वास सारंग ने खा कि  दिग्विजय सिंह को दिन रात सिर्फ अराजकता फैलाना है, कृषि बिल की बात हो रही है और वो गोधरा पर पहुंच रहे हैं।

गौरतलब है कि किसान आंदोलन पर सदन में कृषि कानूनों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने 26 जनवरी की हिंसा के सन्दर्भ में कहा था कि कांग्रेस  खून की सिंचाई कर रही है इसके जवाब में दिग्विजय सिंह ने मिडिया को दिए बयान में कहा था कि गोधरा में क्या पानी से सिंचाई हुई थी ? हम शांति प्रिय लोग हैं सत्य और अहिंसा  चलते हैं।   खून की  खेती भाजपा करती है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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