saubhagya yojana

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। चुनावी सरगर्मियों के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे है। अब प्रदेश के 4 जिलों में 29 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ है। यह घोटाला प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट सौभाग्य योजना (saubhagya yojana) में किया गया है। उपचुनाव से पहले इस घोटाले ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, वही BJP कांग्रेस को एक दूसरे को घेरने का मौका दे दिया है। कांग्रेस (Congress) ने इसमें कई बड़ी मछलियों के शामिल होने की बात कही है। खास बात ये है कि इस मामले की जांच  पिछली कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) में शुरु की गई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट सौभाग्य योजना में मध्यप्रदेश के अफसरों ने घोटाला (Scam) किया है।4 अगस्त तक हुई जांच में कई जिलों में बिजली घर घर पहुंचाने के माममे में भारी अनियमितता मिली है। घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बिजली कंपनी (electricity company) ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर चार जिलों की जांच कराई तो 29 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला मिला। हैरानी की बात तो ये है कि सबसे ज्यादा नुकसान मंडला और डिंडौरी जिले में हुआ। मंडला (Mandla) में जहां 15 करोड़ रुपये तो डिंडौरी (Dindori) जिले में 8.40 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है।

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इसके अलावा सीधी, जबलपुर और सिंगरौली में भी घोटाला उजागर हुआ है। सुत्रों की मानें तो लाख रुपये से ज्यादा का मासिक वेतन लेने वाले आधा सैकड़ा से ज्यादा अफसर इसमें शामिल है, हालांकि कंपनी ने फिलहाल सिंगरौली छोड़कर शेष 44 अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।इसमें दोषी अफसरों के खिलाफ आरोप-पत्र जारी किए गए हैं।  बता दे कि कोरोना संकट काल और लॉक़ाउन के बीच कई घोटाले उजागर हुए है। अबतक प्रदेशभर में चावल घोटाला, गेहूं घोटाला, नीमच का सत्तू घोटाला और चना घोटाला सामने आ चुका है।

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रिपोर्ट में अबतक जांच में सामने आया ये घोटाला

  • मंडला जिले में 38017 नए कनेक्शन की जगह 16518 कनेक्शन पाये गए है जो करीब 9 करोड़ 53 लाख का चूना लगा है.
  • डिंडौरी जिले में 24 हजार 562 कनेक्शनों की जांच में अब तक 8 करोड़ 48 लाख रुपए के अतिरिक्त भुगतान का हुआ खुलासा हुआ।
  • सीधी जिले में हुई जांच में 218 प्रोजेक्ट में अब तक 2 करोड़ 24 लाख रुपए की हेराफेरी का खुलासा किया गया.
  • सिंगरौली जिले में हुई जांच में 502 कनेक्शनों की जांच में तीन ठेकेदारों को 4 करोड़ 46 लाख रुपए के अतिरिक्त भुगतान किया गया है।