SCAM: विभाग में जारी किया नियुक्ति पत्र, नहीं मिली पोस्टिंग! मंत्री से मिले युवा, तब हुआ खुलासा

वही नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद भी जब युवाओं को नौकरी नहीं मिली तब वह जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi silawat) के पास पहुंचे। युवाओं ने कहा कि विभाग ने उन्हें नियुक्ति पत्र दिया लेकिन अभी तक पोस्टिंग नहीं दी है।

तुलसी सिलावट

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के आर्थिक राजधानी इंदौर (indore) से धोखाधड़ी (Fraud) का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहा राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त स्वास्थ्य विभाग के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी द्वारा 40 बेरोजगारों से ठगी की गई है। इन युवाओं को जल संसाधन विभाग (Department of Water Resources) में निरीक्षक के पद पर नौकरी लगाने का झांसा दिया जा रहा था। हालांकि शिकायत के बाद इंदौर पुलिस (indore police) ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।

दरअसल मामला इंदौर के भवरकुआं थाना पुलिस क्षेत्र का है। जहां भजन गायक रोहित बैरागी को गिरफ्तार किया गया है। वैरागी खुद को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त स्वास्थ्य विभाग का प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी बताता था। इसके साथ ही वह बेरोजगार युवाओ को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम प्राप्त करता था। वहीं युवाओं को उपसचिव आरपीएस के जाली हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र भी जारी कर देता था।

इतना ही नहीं आरोपी गायक रोहित बैरागी अपने साथ गनमैन भी रखता था। वहीं मध्यप्रदेश शासन की नेमप्लेट भी उसके कार पर लगी होती थी। वही नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद भी जब युवाओं को नौकरी नहीं मिली तब वह जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi silawat) के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि विभाग ने उन्हें नियुक्ति पत्र दिया लेकिन अभी तक पोस्टिंग नहीं दी है। जिस पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने विभागीय कर्मचारियों को फोन कर पूछा कि बिना अनुमति के नियुक्ति पत्र कैसे जारी किया गया। तब इस मामले का खुलासा हुआ।

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धोखाधड़ी के खुलासे के बाद पीड़ितों को थाने भेजा गया। जहां टीआई ने एक प्लान के तहत आरोपी भजन गायक रोहित बैरागी को खंडवा रोड बुलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में एसपी महेश चंद्र जैन का कहना है कि आरोपी रोहित होम्योपैथ डॉक्टर भी है। वही उनके पिता मोहन दास बैरागी द्वारा 2006 में रोहित को घर से निकाल दिया गया था। परिवार रोहित के फर्जीवाड़े से परेशान था।

मामले में पुलिस ने अभी तक 20 पीड़ितों की शिकायत दर्ज की है। इसके साथ ही रोहित के पास से फर्जी सील नियुक्ति पत्र और कार जप्त किया है। पुलिस ने बताया कि ढाई लाख रुपए लेकर आरोपी रोहित युवाओं को जल संसाधन विभाग में निरीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने के दावे करता था। साथ ही फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी करता था। इस तरह उसने 40 से अधिक पीड़ितों से अब तक पैसे की ठगी की है।