जो कांग्रेस ना दे सकी, बीजेपी में शामिल होते ही सिंधिया को मिला वो तोहफा

नई दिल्ली।

मध्यप्रदेश में जिस वजह को लेकर सियासी उलटफेर की स्थिति बनी है। उस वजह को सही करते हुए भाजपा ने उसपर अपनी आखिरी मुहर लगा दी है। नई दिल्ली में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता जेपी नड्डा ने की। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा अन्य मंत्री एवं बीजेपी सदस्य शामिल थे। आगामी राज्यसभा चुनाव को देखते हुए यह बैठक रखी गई थी। जिससे अन्य राज्यों में राज्यसभा चुनाव के लिए सदस्यों के नाम पर सहमति बनी है। मध्य प्रदेश के पल-पल बदलती सियासत के बीच 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की तरफ से ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम पर सहमति बनी है। इससे पहले सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस से अपना त्यागपत्र दे दिया। जिसके बाद बुधवार को वह भाजपा में शामिल हो गए। सिंधिया ने नड्डा की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों पर 26 मार्च को चुनाव होना है। जिसमें बीजेपी ने 2 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद आज सिंधिया के नाम पर एक सीट के लिए सहमति बनी है। एक सीट के उम्मीदवार के लिए अभी भी चर्चा जारी है। वहीं दूसरी तरफ कमलनाथ सरकार से राज्यसभा भेजे जाने वाले किसी उम्मीदवार पर अभी कोई सूचना नहीं है। अटकलें यह भी तेज थी की सिंधिया को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए किंतु कांग्रेस इस पर कोई निर्णय नहीं ले पा रही थी। वहीं भाजपा में शामिल होते ही बीजेपी ने सिंधिया को राज्यसभा का टिकट दे दिया।

बताते चलें कि वहीं देशभर से राज्यसभा की 55 सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होने हैं। जिनमें से भाजपा की तरफ से इन लोगों को राज्यसभा चुनाव का टिकट दिया गया है। जिनमें असम से भुवनेश्वर कालिता, गुजरात से अभय भारद्वाज, गुजरात से रमिलाबेन बारा, झारखंड से दीपक प्रकाश, मणिपुर से लिएसेवा महाराजा, बिहार से विवेक ठाकुर, मध्यप्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र से उदयनराजे भोसले के साथ राजस्थान से राजेंद्र गहलोत को टिकट दिया गया है।

जो कांग्रेस ना दे सकी, बीजेपी में शामिल होते ही सिंधिया को मिला वो तोहफा