हाउसिंग बोर्ड, सीहोर

सीहोर, अनुराग शर्मा। हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी (housing board colony) में बने घरों के प्रति जनता का विश्वास होता है। हाउसिंग बोर्ड के घरों के प्रति लोग निश्चिंत होते हैे। एक अच्छे और सुरक्षित घर (secure house) का सपना लिए जनता हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी में बने घर को खरीदती है। लेकिन जब हाउसिंग बोर्ड ही अपने हितग्रहियों (beneficiaries) पर भुफाटक के नाम पर मनमानी वसूली करने पर अमादा हो जाये तो फिर हितग्राही कहां जाएं। ऐसा ही एक मामला नगर की हाउसिंग बोर्ड कालोनी का है जहां पर अनेकों हितग्राहियों ने आज कलेक्टर कार्यलय में जनसुनवाई के दौरान अपनी पीड़ा व्यक्त की।

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जनसुनवाई में हाउसिंग बोर्ड के हितग्रहियों ने अपना दर्द व्यक्त करते हुए बताया कि वर्ष 1979 – 80 में ग्राम मुरली सर्वे क्रमांक 125/1 रकबा 18 एकड़ भूमि शासन से आवासीय योजना के तहत हाउसिंग बोर्ड में आवंटित किया था। जिस पर हाउसिंग बोर्ड ने आवासीय कालोनी बनाकर हितग्रहियों को बेच दिया। उक्त भूमि का भुफाटक निर्धारण नहीं होने के कारण मंडल द्वारा हितग्रहियों से भूमि के बिना प्रबयाजी एवं भुफाटक निर्धारण की विधि के विपरीत भुफाटक की वसूली करने की तैयारी की जा रही है। जिसके चलते हितग्रहियों पर दोहरी मार पड़ने वाली है आज तक हितग्रही जो राशि हाउसिंग बोर्ड को देते आ रहे है अब उन्हें उससे कई गुना अधिक राशि का भुगतान करना पड़ेगा।