वरिष्ठ BJP नेता ने दिखाये तेवर, CM से पूछा इतने लोलुप कैसे हो गए, चाहें पार्टी ही टूट जाए?

ग्वालियर।अतुल सक्सेना

प्रदेश की राजनीति में चल रही उथल पुथल का असर अब भारतीय जनता पार्टी में भी दिखाई देने लगा है। पार्टी के पुराने कार्यकर्ता कांग्रेसियों के भाजपा में आने, उनको पद दिये जाने और खुदकी उपेक्षा से आहत और दुखी हैं। अब वो खुलकर विरोध करने लगे हैं। वरिष्ठ नेता जय सिंह कुशवाह की पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से मुलाकात के बाद अब वरिष्ठ नेता कुलवीर भारद्वाज ने वीडियो के माध्यम से विरोध प्रकट किया है। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को संबोधित वीडियो संदेश में उन्होंने कांग्रेस से आ रहे विधायकों को पद बांटने और पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर आपत्ति जताई है और विरोध की चेतावनी दी है। उन्होंने सवाल किया है कि आप इतने लोलुप कैसे हो गए, चाहे पार्टी ही टूट जाए?

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कुलवीर भारद्वाज ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल पूर्व विधायकों और विधायकों को तत्काल मंत्री पद या निगम मंडलों में जगह दिये जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। अस्पताल में भर्ती कुलवीर भारद्वाज ने 6 मिनट 32 सेकंड का वीडियो संदेश बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। उन्होंने कहा कि आज कल सोशल मीडिया पर बहुत से वीडियो और मैसेज देखने को मिल रहे हैं । कुछ देखकर बुरा लग रहा है तो वहीं अच्छा भी लग रहा है । जो लोग कांग्रेस छोड़ हमारी पार्टी में आ रहे हैं उनका स्वागत है लेकिन मेरी नजर में वे एक अदने से कार्यकर्ता हैं। लेकिन ये क्या बहुत सारे लोग आयेंगे और हम अपने परिवार को ही नहीं पूछेगे। ये बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। इसलिए प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा जी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी मेरा आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि पार्टी को बचा लीजिये। ये सब तो चलता रहेगा। अटल जी कहते थे कितनी भी सरकारें कुर्बान कर देंगे, पटवा जी कहते थे हमारे लिए कार्यकर्ता से बढ़कर कुछ भी नहीं है। लेकिन मुझे ये सब देखकर ऐसा लग रहा है कि हम बहुत बड़ी लोलुपता में पड़े है।

क्या संघ और भाजपा जैसा दीक्षित कार्यकर्ता किसी और दल में है?

वरिष्ठ भाजपा नेता ने अपने संदेश में कहा कि जो आ रहा है हम मंत्रिमंडल भी दे देंगे, निगम मंडल में पद भी दे देंगे, ये क्या बात हुई ? बहुत से विधायक आ जाये अच्छी बात है लेकिन क्या आपके पास संघ जैसा दीक्षित, भाजपा जैसा दीक्षित, वो त्याग, तपस्या और बलिदान का परिचायक, वो देव दुर्लभ कार्यकर्ता क्या भाजपा के अलावा किसी और दल में है? आप आप उनको ही नहीं पूछ रहे। उनसे बात नहीं कर सकते जिन्होंने पार्टी को अपना जीवन दे दिया। ये बहुत बुरी बात है। मैं अपनी बात आप तक पहुंचाने के लिए ही वीडियो वायरल कर रहा हूँ जिससे आप हमसे बात करें।

कोई भी गुंडा, मवाली, माफिया पार्टी में आ जाए ये नहीं होने देंगे

वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा नहीं चलेगा कि कोई भी पार्टी में आ जाए। उसमें रेत माफिया, गुंडे, मवाली, अवैध शराब का धंधा करने वाले कोई भी आ जाये, ये नहीं होने देंगे। मैंने CM के साथ ऐसे कई फोटो देखे हैं जिसमें वो लोग पीछे खड़े हैं वो गुंडे हैं माफिया हैं, मैं ये दावे के साथ का सकता हूँ लेकिन नाम लेना नहीं चाहता। ये सब नहीं चलेगा।

उपेक्षा सहेंगे नहीं, अटल अडवाणी की पार्टी को टूटने नहीं देंगे

कुलवीर भारद्वाज ने पूर्व साडा अध्यक्ष जय सिंह कुशवाह की कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से मुलाकात का संकेतों में जिक्र करते हुए कहा कि जय सिंह जी कहीं बाहर जाते हैं या नहीं जाते मुझे नहीं मालूम लेकिन मैं उन कार्यकर्ताओं में से नहीं हूँ। मैं पार्टी छोड़कर नहीं जाऊंगा और गलत नहीं होने दूंगा, विरोध करूँगा ये मेरा अधिकार है। आप चाहें तो मुझे निष्कासित कर सकते हैं। लेकिन यदि आप लोग रोते लोगों को नहीं पूछेगे, उन्हें नहीं समझेंगे तो हम कहाँ अपनी दुविधा को रखेंगे। कहाँ गए वो कुशा भाऊ ठाकरे जी, पटवा जी, जोशी जी, अटल जी अडवाणी जी। हमने उनसे सीधी चर्चाएं की हैं। हम तो तबसे हैं जब दो विधायक दी सांसद हुआ करते थे, और आज हम लोगों की इतनी उपेक्षा। चेतावनी भरे लहजे में वरिष्ठ नेता ने कहा कि आप ऐसे ही रेबड़ी बांट दोगे। कैसे बंटोगे? आप बांट कर तो देखिये? ठीक है आप हमें निष्कासित कर देना लेकिन हम विरोध किये बिना मानेंगे नहीं। मेला फलाने को दे देंगे, साडा फलाने को दे देंगे, मंत्री बना दिये। क्या इतने लोलुप हो गए कि हमको सिर्फ सरकार बनानी है चाहें संगठन छिन्न भिन्न ही जाए, टूट जाए, टुकड़े टुकड़े हो जाए? आपने कभी कार्यकर्ता के मन कि बात सुनी है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिस तरह से मप्र में नये आये लोगों की नियुक्तियाँ की जा रही हैं यदि कोई भी नियुक्ति ग्वालियर में हुई तो उसका विरोध होगा क्योंकि ये हमारा भी अधिकार है। और यदि आपको ग्वालियर में कोई नियुक्ति करनी है तो आप तो एक अलग सेकंड कांग्रेस बना लीजिये और उसमें आप लोग सम्मिलित हो जाइये। हम अपनी भाजपा को जिंदा रखेंगे। लेकिन रेबड़ी नहीं बंटने दूंगा विरोध करता रहूँगा।

गौरतलब है कि कुलवीर भारद्वाज 1967 में जनसंघ के साथ जुड़े थे तबसे वह पार्टी के साथ बने हुए हैं। इस दौरान वह बीजेपी के तमाम पदों पर काम करते रहे हैं, वे जिले और प्रदेश में भी कई पड़ीं पर रहे हैं। वे लोकसभा चुनावों में भी संगठन का काम देख चुके हैं उनकी पत्नी भी भाजपा की पार्षद रहे चुकी हैं। लेकिन संघ और भाजपा की विचारधारा से जुड़े कुलवीर भारद्वाज आज की भाजपा की स्थितियों को देखकर दुखी हैं।