शिवराज का कमलनाथ पर पलटवार- फर्क नहीं पड़ता कोई नालायक कहे, जनता का सेवक हूँ

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश(madhyapradesh) में उपचुनाव(byelection) के मद्देनजर पार्टी नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। जुबानी जंग के बीच नेता एक दूसरे को घेर रहे हैं। इसी बीच शनिवार को ग्वालियर(gwalior) दौरे के दौरान कमलनाथ(kamlnath) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(ciefminister shivraj singh chouhan) को नालायक तक कह डाला। जिसके जवाब में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया है। सीएम शिवराज ने कहा कि कौन नालायक है और कौन लायक इसका फैसला जनता करेगी। शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि मुझे कोई नालायक कहे इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता, मैं जनता का सेवक हूं। मैं जनता के हित में कार्य करता रहूंगा।

दरअसल कमलनाथ के इस बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा है कि सभी को एक भाव से देखना, किसानों के कल्याण की योजना बनाना, कर्जमाफी करना जनता के हित में फैसला करना, यह करने वाला लायक है या नालायक। इसका फैसला जनता करेगी। वही शिवराज ने कमलनाथ से पूछा कि 15 महीने कमलनाथ की सरकार में उन्होंने प्रदेश के लिए क्या किया, बल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया था।

वहीं सीएम शिवराज ने कहा के प्रदेश में शराब माफिया कौन है। रेत माफिया कौन है। क्या यह बयान आपको याद नहीं। वहीं उन्होंने गोविंद सिंह पर निशाना बनाते हुए कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग से आप के एक मंत्री जो आज नदी बचाने का नाटक कर रहे हैं। जनता से कह रहे थे कि वह रेत का अवैध उत्खनन नहीं रोक पा रहे हैं। उन्हें माफ किया जाए। क्या किसानों से बेरोजगारों से झूठ बोलना, छल करना, बेटियों को ठगना इसको लायक होना कह सकते हैं? वही शिवराज ने यह भी कहा कि 15 महीनों में 5 मिनट के लिए भी जो नेता ग्वालियर नहीं गया और यह कहकर अपना बचाव करें कि उसने किसी और के भरोसे उस जिले को छोड़ दिया। क्या इसे लायक होना कहेंगे?

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ उप चुनाव को देखते हुए दो दिवसीय ग्वालियर दौरे पर हैं । ग्वालियर दौरे पर चलने से पूर्व कमलनाथ ने कहा था कि उन्हें शर्म आती है, जब लोग उनसे पूछते हैं कि आपके प्रदेश की छवि बिकाऊ वाली बन गई है। वहीं ग्वालियर दौरे पर कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कुल 26 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। 2 लाख किसानों के कर्ज माफ करने में मदद किए जबकि 15 साल के कार्यकाल के दौरान शिवराज सरकार ने किसानों को आत्महत्या करने के लिए छोड़ दिया था। इसके साथ ही कमलनाथ ने कहा कि अब शिवराज इतने नालायक तो नहीं कि वह नहीं समझ सके की कर्ज माफी कैसे की जाती है।