दोस्ती की मिसाल बने शिवपुरी के कय्यूम और अमृत

शिवपुरी।परवेज खान।

कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते जंहा एक ओर जब सगे रिश्तेदार शवो तक को छोड़कर भाग रहे है वहीं दूसरी ओर जातपात ,धर्म से ऊपर इंसानियत ओर दोस्ती की एक अनूठी मिसाल पेश करती तस्वीरे सामने आई है । कोरोना संक्रमण काल में जात पात हिन्दू मुश्लिम कार्ड खेल कर ओछी राजनीति करने बाले तथाकथित नेताओ को आईना दिखाती कय्यूम ओर अमृत की दोस्ती ने साबित कर दिया धर्म जातपात से ऊपर इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म होती है । ऐसा दोस्त कय्यूम जो अपने दोस्त अमृत के लिए जान जोखिम में डाल उसके साथ ही ट्रक से उतर गया ओर अंतिम सांस तक अमृत के साथ रहा । हालांकि रविवार की शाम मृतक अमृत ओर कयूम की कोरोना रिपोर्ट निगेटिब आई है ।

गुजरात के सूरत से उप्र के बस्ती जा रहे अमृत कुमार की जब शिवपुरी जिले के पडोरा पर कोरोना जैसे लक्षण के चलते तबियत बिगड़ी और उसे ट्रक चालक द्वारा ट्रक से उतरने को कहा गया तब उसका दोस्त मोहम्मद कय्यूम भी उसके साथ था कय्यूम को लगा कि अमृत अकेला उतर कर कैसे अपना इलाज करवाएगा, यह जानते हुए भी कि इसके जो लक्षण है वो कोरोना जैसे हैं फिर भी अपनी जान जोखिम में डाल उसके साथ उतर गया और सड़क किनारे बीमार अमृत को अपने गोद मे लिटाये था तभी कुछ लोगो की मदद से उन्हें जिला चिकित्सालय भेजा गया,जिला चिकित्सालय में भी मोहम्मद कय्यूम अमृत की अंतिम सांस तक उसके साथ रहा.।

आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कय्यूम से फोन पर चर्चा की तो उसने बताया कि अमृत ओर वह एक ही ग्राम के रहने बाले है और अमृत ही एक घर मे कमाने बाला था घर पर छोटी छोटी भाई बहन है अब उनका क्या होगा वहीँ उसने कहा कि में कैसे अपने दोस्त को बीच राह छोड़कर चले जाता और क्या जवाब देता उनके परिवार को ।