अतिथि विद्वानों को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

मध्यप्रदेश(madhyapradesh) में अतिथि विद्वानों(atithi vidhwan) की सरकार(government) से लड़ाई आज तक जारी है।प्रदेश में कमलनाथ सरकार के आते ही उन्होंने 9 महीने से अतिथि विद्वानों को सेवा से बाहर कर दिया गया था। तब से वो अपने नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। उपचुनाव में प्रदेश की सरकार एक तरफ जहां इनके नाम को चुनावी मुद्दा बना रही है। वहीं दूसरी तरफ इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके साथ ही अब इनकी इस लड़ाई में उन्हें एनएसयूआई(NSUI) का साथ मिला है

इसी बीच अतिथि विद्वानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जहां प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने अतिथि विद्वान के आमंत्रण कैलेंडर जारी किए हैं। कैलेंडर शिक्षा विभाग के मुकेश कुमार शुक्ल द्वारा 13 अगस्त को जारी किया गया है। वहीं अब इस मुद्दे पर एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल के समर्थन के बाद शिवराज सरकार को झुकना पड़ा है। लेकिन हमारी मांग जारी रहेगी और वही हम अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण की मांग करते रहेंगे।

बता दें कि बीते 9 महीने से अतिथि विद्वान अपने नियमितीकरण को लेकर वह लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं। वहीं अबतक 5 अतिथि विद्वानों ने आत्महत्या कर मौत को गले लगाया है। हालांकि कांग्रेस(congress) की कमलनाथ सरकार(kamalnath government) ने इन्हें सेवा से बाहर कर दिया था। जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chauhan) लगातार अतिथि विद्वान के नियमितीकरण की मांग कमलनाथ सरकार से कर रहे थे। लेकिन उनकी सत्ता में वापसी के बाद भी अब तक मामला अटका हुआ है। अब एक बार इनको लेकर नोटिफिकेशन जारी की गई है

अतिथि विद्वानों को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला