शिवराज सरकार ने अपनी इस योजना पर लगाया ताला, ये है कारण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने 5 वर्ष फिर शुरू की गई अपनी योजना को बंद कर दिया है।

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आत्मनिर्भर भारत (Aatmnirbhar bharat) की तर्ज पर आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश (Aatmnirbhar  madhya pradesh) के लिए नवीन योजनाओं का संचालन कर रही मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी एक योजना पर ताला लगा दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने 5 वर्ष फिर शुरू की गई अपनी योजना को बंद कर दिया है।

दरअसल मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 साल पहले फ्री ड्राइविंग लाइसेंस योजना (Free driving license yojna) की शुरुआत की थी। अब इस योजना को धीरे-धीरे बंद कर दिया गया है। जिसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस (driving license) बनवाने के लिए अब महिलाओं को भी पुरुषों को सामान फीस जमा करनी पड़ेगी।

बता दे कि मध्यप्रदेश में लाइसेंस फ्री (license free) करने के बाद प्रदेश में लाइसेंस बनाने वाली महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई थी। इसके अलावा महिलाएं ड्राइविंग सीखकर अपना लाइसेंस अपडेट करवा रही थी और आत्मनिर्भरता का परिचय दे रही थी। वहीं दूसरी तरफ कोई औद्योगिक संस्थानों से लेकर शासकीय संस्थानों में भी कमर्शियल ड्राइवर (Commercial driver) के तौर पर महिलाएं कार्यरत थी।

Read More:  MP News: वरिष्ठ कांग्रेस नेता के भाई के फर्म पर खाद्य विभाग की छापेमार कार्रवाई

शिवराज सरकार की योजनाओं से महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए फीस नहीं देना पड़ता था। उस समय उनका ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाता था।।अब इस योजना को बंद कर दिया गया है। जिस मामले में लाइसेंस शाखा प्रभारी अर्चना मिश्रा का कहना है कि महिलाओं के लाइसेंस मुफ्त है। सिस्टम में ऐसा बदलाव क्यों किया गया। इसकी जानकारी निकाली जा रही है। इसके बाद मुख्यालय ने चर्चा कर पहले की तरह लाइसेंस निर्मित की जाएगी।

इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस व्यवस्था को केंद्र के सर्वर से जोड़ने के बाद सिस्टम को बंद किया गया है। अधिकारी ने बताया कि बीते दिनों केंद्र सरकार की सर्वर सारथी से जुड़ने के बाद आरटीओ की वेबसाइट बंद हो गई थी। जिसके बाद लाइसेंस के अपॉइंटमेंट मिलने मुश्किल हो गया था। उन्होंने बताया कि 2 दिन पहले यह सिस्टम के शुरू होने के बाद महिलाओं की ड्राइविंग लाइसेंस बनने के लिए उन्हें लाइसेंस का भुगतान करना पड़ा है।

बता दें कि मध्यप्रदेश में ड्राइविंग का काम सीखने के बाद पक्के लाइसेंस के लिए अपॉइंटमेंट लेनी होती है। इसके बाद लाइसेंस निर्माण का कार्य किया जाता है। वहीं पहली बार इसकी फीस मुफ्त होती है। वहीं अगर लाइसेंस परीक्षा में महिलाएं फेल हो गई तो दोबारा अपॉइंटमेंट लेने के लिए उन्हें फिर से फीस का भुगतान करना पड़ता है।