व्यापम के मास्टरमाइंड की संपत्ति जब्त करेगी शिवराज सरकार, पहुंची हाईकोर्ट

बता दें कि व्यापम घोटाले में फंसे डॉ पंकज त्रिवेदी क्या जनवरी 2014 में लोकायुक्त की टीम ने छापेमारी कार्रवाई की थी। जहां पर आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई की गई थी। छापामार कार्रवाई में नकदी और जेवरात के साथ गंगवाल बस स्टैंड के पास होटल, फार्महाउस, प्लॉट और भोपाल और सीहोर के कई इलाकों में प्लॉट की बात सामने आई थी।

इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। देश के चर्चित और मध्य प्रदेश के सबसे बड़े घोटालों में शामिल व्यापम घोटाले (VYAPAM Scam) के मास्टरमाइंड की संपत्ति को ज़ब्त करने के लिए शिवराज सरकार (shivraj government) ने हाईकोर्ट (high court) में अर्जी दायर की है। याचिका में शिवराज सरकार ने मांग की है की आय से अधिक मिली सभी संपत्तियों को जब्त किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट मंगलवार को इस मामले में सुनवाई करेगी।

व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले के मास्टरमाइंड पंकज त्रिवेदी (Pankaj trivedi) पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति बनाई थी। वहीँ सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय ने आदेश दिया था कि पौने दो करोड़ की संपत्ति में से 68 लाख रुपए की संपत्ति ही जब्त की जानी चाहिए। अब इस मामले में विशेष न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए शिवराज सरकार हाई कोर्ट पहुंची है। हाईकोर्ट में शिवराज सरकार ने विशेष न्यायालय के आदेश को संशोधन करने की मांग की है। इसके साथ ही कहा है कि अवैध संपत्ति को पूरे जब्त करने का आदेश दिया जाए। वहीं इस मामले में सुनवाई मंगलवार 1 दिसंबर को होनी है।

दरअसल व्यापम घोटाले में पंकज त्रिवेदी का नाम सामने आने पर उनकी संपत्तियों की जांच की गई थी। लोकायुक्त पुलिस के छापे में मूल्यांकन के बाद पंकज त्रिवेदी के बाद से पौने दो करोड़ रुपए अतिरिक्त पाए गए थे। इसमें लोकायुक्त पुलिस ने संपत्ति को जब्त करने के लिए विशेष न्यायालय में आवेदन दिया था। जहां विशेष न्यायालय ने आदेश दिया था कि पौने दो करोड़ की संपत्ति में से 68 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की जानी चाहिए।

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बता दें कि व्यापम घोटाले में फंसे डॉ पंकज त्रिवेदी क्या जनवरी 2014 में लोकायुक्त की टीम ने छापेमारी कार्रवाई की थी। जहां पर आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई की गई थी। छापामार कार्रवाई में नकदी और जेवरात के साथ गंगवाल बस स्टैंड के पास होटल, फार्महाउस, प्लॉट और भोपाल और सीहोर के कई इलाकों में प्लॉट की बात सामने आई थी।