शिवराज बोले- भगवान के बाद मेरे लिए किसान, प्रदेश का सिंचाई रकबा 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाएंगे

सीएम शिवराज ने कहा भगवान के बाद मेरे लिए किसान है। वो धरती पर अन्न उगाता है। खून-पसीना एक करता है। हमारी व्यवस्था का केन्द्र बिन्दु है किसान।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने सोमवार को राजधानी भोपाल (Bhopal) के मिंटो हॉल से प्रदेश में 384 करोड़ की लागत की 50 सिंचाई योजनाओं का वर्चुअल माध्यम से भूमि पूजन और लोकार्पण किया| इस मौके पर सीएम ने कहा कि सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि की जाएगी, यह सरकार (Government) की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सीएम शिवराज ने कहा भगवान के बाद मेरे लिए किसान है। वो धरती पर अन्न उगाता है। खून-पसीना एक करता है। हमारी व्यवस्था का केन्द्र बिन्दु है किसान। सिंचाई साधनों का विस्तार धरती पुत्र किसानों के लिए वरदान होता है। प्रदेश के सिंचाई रकबे को 65 लाख तक पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश इस लक्ष्य को पूरा करने में सक्रिय रहेगा।

किसानों की शंकाओं का समाधान करेगी सरकार
कृषि कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसान हितैषी हैं। उनके रहते हुए किसानों के हित से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है। जो नेता किसानों की आड़ लेकर भ्रम फैला रहे हैं, झूठे आँसू बहा रहे हैं, वे कभी सफल नहीं होंगे। सीएम ने कहा मैं खुद किसान हूं और मैं ऐलान कर रहा हूं कि ये तीनों कृषि कानून आपके हित में है और जिन किसानों को आपत्ति है, सरकार उनसे संवाद कर उनकी शंकाओं का समाधान करेगी।

65 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई रकबा सिर्फ सात-आठ लाख हेक्टेयर हुआ करता था जिसे बढ़ाकर हम चालीस लाख हेक्टेयर के आगे ले गए। अब 65 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य है। एक-एक इंच कृषि भूमि सिंचित होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आने वाले एक वर्ष में 30 हजार करोड़ रूपए की योजनाएं मंजूर की जाएंगी। नर्मदा जल का पूरा उपयोग किया जाएगा। तीन वर्ष में नर्मदा योजनाओं के क्रियान्वयन को भी पूर्ण किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर किसान रेल चल रही है। किसानों को उत्पादन का सही मूल्य मिले इसके लिए निरंतर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

प्रदेश में 27 वृहद, 47 मध्यम और 287 लघु सिंचाई परियोजनाएं निर्माणाधीन
सीएम ने कहा प्रदेश में 27 वृहद, 47 मध्यम और 287 लघु सिंचाई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनकी लागत 60 हजार 737 करोड़ है। इन सभी की सिंचाई क्षमता 24 लाख हेक्टेयर होगी। इस लक्ष्य को पूरा करने का काम शुरू हो चुका है। करीब चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आंशिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है। स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोविड-19 की वजह से योजनाओं के निर्माण पर कुछ फर्क पड़ा है लेकिन इस वर्ष करीब 100 परियोजनाएं पूरी कर सवा लाख हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।