मेधावी छात्रों को शिवराज सरकार का तोहफा, लैपटॉप के लिए अकाउंट में राशि ट्रांसफर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एमपी (MP) के छात्रों के लिए खुशखबरी है। प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj government) फिर से लैपटॉप वितरण योजना शुरु करने जा रही है। इसी कड़ी में आज माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं कक्षा में 80 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने लैपटॉप की राशि (Laptop amount) के लिए उनके खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए। सीएम शिवराज ने भोपाल के मिंटो हॉल में प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लैपटॉप की राशि के वितरण के कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस ने प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना (Talented Student Promotion Scheme) के अंतर्गत लैपटॉप वितरण योजना को बंद कर दिया था। आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के शुभ अवसर पर हम इस योजना का पुन: शुभारम्भ कर रहे हैं।

दरअसल, आज लगभग 44 हजार छात्रों को लेपटॉप की राशि एक क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। इसमें 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को आज 25 हजार रूपये की राशि लैपटॉप खरीदने के लिए प्रदान की गई। बारहवीं की परीक्षा में कला संकाय में 97.02% प्राप्त करने वाली रीवा के सिमरी गांव की छात्रा खुशी ने बताया कि वह गांव से 5 किमी दूर स्कूल साइकिल से पढ़ने जाती थी। आज उन्हें लैपटॉप योजना का लाभ मिला है। इस मौके पर शिवराज ने कला संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रीवा की खुशी से संवाद करते हुए कहा कि खुशी सामान्य किसान के घर में पैदा हुई, उसने पढ़ाई में चमत्कार किया। छात्रों की पढ़ाई में हम किसी भी तरह की बाधा नहीं आने देंगे।

शिवराज ने कहा कि व्यक्ति जैसा सोच लेता है, वह वैसा ही बन जाता है। दुनिया में ऐसा कोई कार्य नहीं है जो मनुष्य न कर सके। बड़े-बड़े कार्य आखिर मनुष्यों ने ही तो किये हैं। यदि हम यह सोच कर बैठ जाएँ कि यह कार्य तो कठिन है, मैं कर ही नहीं सकता, तो फिर कुछ भी संभव नहीं होता।पीएम मोदी भी गरीब घर में पैदा हुए। वे बचपन से ही दयालु थे। उनके मन में कुछ अलग करने की ललक थी। उन्होंने हिमालय पर्वत पर तपस्या की और वहाँ जनता की सेवा करने का निर्णय लिया।दुनिया में जन्म लिया है तो केवल रोने-गाने के लिए नहीं लिया, कुछ अलग और दूसरों से बेहतर करने के लिए लिया है।हमें सफल तो होना ही है, साथ ही साथ समाज की बेहतरी के लिए भी कुछ करना है।

बता दें कि जुलाई में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मप्र बोर्ड के 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि की योजना पुनः प्रारंभ करने की घोषणा की थी। अब तक 85 फीसद से अधिक अंक लाने वाले करीब 16 हजार विद्यार्थियों को इस योजना के तहत लैपटॉप की राशि मिलने वाली थी, लेकिन अब विभाग द्वारा योजना का लाभ 80 फीसद या उससे अधिक अंक वाले विद्यार्थियों को दिया जा रहा है, जिसके तहत करीब 40,436 विद्यार्थियों लैपटॉप की राशि दी गई है।

वही सीएम शिवराज ने बताया कि सरकार ने विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थाओं के हित में कई अहम फैसले लिए है, जिसके तहत विद्यालयों को मान्यता नवीनीकरण के लिये निर्धारित शुल्क आगामी सत्र (शैक्षणिक सत्र 2020-21) तक के लिये स्थगित कर दिया गया है।इसके साथ ही विद्यार्थियों के मध्यान्ह भोजन वितरण पर भी अहम फैसला लिया गया है, जिसके बाद मध्यान्ह भोजन डोर-टू-डोर पहुंचाने वाला मप्र देश का पहला राज्य बन गया है।खास बात ये है कि भारत सरकार ने मध्यप्रदेश में मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन में नवाचार के सफल प्रयासों की सराहना की।वही कोरोना लॉकडाउन अवधि में स्कूल शिक्षा विभाग ने अभिनव पहल की और लाखों विद्यार्थियों को घर पर शैक्षणिक सामग्री पहुंचायी ।डिजिटल लर्निंग एनहांसमेंट प्रोग्राम (DigiLEP) के तहत शैक्षणिक सामग्री भेजी गई।