Farmers News – प्रदेश सरकार की किसानों को बड़ी राहत, ऋण चुकाने की मोहलत 1 माह बढी

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Bhopal Desk, शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने किसानों (Farmers) के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश की प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा दिए जाने वाले ऋण को चुकाने की अवधि एक माह बढ़ा दी गई है। कोरोना काल में किसानों के लिए सरकार की यह घोषणा एक बड़ी राहत बन कर आई है।

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दरअसल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सरकार प्रदेश भर के किसानों को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से अल्पकालीन फसली ऋण देती है। 0% ब्याज पर दिए जाने वाले इस ऋण को साल में दो बार दिया जाता है और खरीफ व रबी की फसल के आने के समय इसे जमा करना होता है। इस वर्ष रबी की फसल के लिए दिये गए ऋण को चुकाने की अवधि 28 मार्च 2021 की थी, लेकिन क्योंकि अभी उपार्जन शुरू नहीं हुआ है और किसानों को उनकी फसल लागत का मूल्य उनके पास नहीं पहुंच पाया है, इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया कि यह अवधि 28 मार्च 2021 से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2021 की जाए। प्रमुख सचिव सहकारिता उमाकांत उमराव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के लगभग 30 लाख से ज्यादा किसानों को इस अवधि के बढ़ाए जाने से बड़ा लाभ होगा।

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यदि यह अवधि एक माह नहीं बढ़ाई जाती तो 28 मार्च के बाद जो किसान (Farmers) ऋण नहीं चुकाते, उन्हें ऋण लिए जाने की अवधि से लेकर 28 मार्च तक 7% और उसके बाद 13% की दर से दिए गए ऋण पर ब्याज देना होता। ऐसी स्थिति में किसानों के ऊपर बहुत आर्थिक भार आता। कृषि कल्याण मंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) से इस बाबत आग्रह किया था कि वे योजना में ऋण अवधि को बढ़ाने आदेश दें।

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अपने चौथे कार्यकाल की शुरुआत में ही शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की थी कि वह 0% ब्याज पर किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण देने की योजना को लागू रखेगे। दरअसल कमलनाथ सरकार के समय इस योजना के बारे में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हो पाए थे जिसके चलते यह भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी कि कमलनाथ सरकार इसे चालू रखना चाहती है या नहीं। साथ ही कमलनाथ सरकार ने ‘जय किसान ऋण माफी’ योजना शुरू कर दी थी जिसके चलते कृषि ,सहकारिता और वित्त विभाग यह समझ नहीं पा रहे थे कि इस योजना को चालू रखा जाए या नहीं।

क्या है योजना का स्वरूप

  • शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने 2012-13 से प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों (Farmers) को अल्पकालीन फसल ऋण, जिसकी अधिकतम सीमा 3 लाख रू है, 0% ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था।
  • इस योजना के लिए 11% बेस रेट के आधार पर राज्य सरकार 6% ब्याज सहायता और शेष 5% केंद्र शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
  • हर साल सरकार पर इस योजना से लगभग 800 करोड रुपए का भार आता है और लगभग 30 लाख किसानों को 17000 करोड रुपए का फसल ऋण सरकार देती है।
  • साल में दो बार किसान इसका लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान को जब फसल बुवाई के लिए धन की आवश्यकता होती है तो उसे में सहकारी समितियों के माध्यम से बने हुए क्रेडिट कार्ड पर ऋण उपलब्ध हो जाता है।
  • इस ऋण में कहीं-कहीं 50-50% और कहीं-कहीं 60-40 अनुपात के प्रतिशत से ऋण दिया जाता है यानी किसान को 50 या 60% राशि नगद और शेष 50 या 40% राशि के बदले खाद, बीज या कृषि उपकरण जैसी वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती है।
  • किसान जब अपनी फसल बेच देता है तब उसे बिना किसी ब्याज के नियत अवधि तक अपना लिया गया ऋण चुकाना पड़ता है और उसके बाद वह अगला ऋण लेने के लिए एक बार फिर योग्य हो जाता है।