पूर्व ISI चीफ पर भारी पड़े MP के इस IPS अधिकारी के आतंकवाद मिटाने के सुझाव

भोपाल।

ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल GCTC द्वारा आयोजित वेबिनार (webinar)  में मध्य प्रदेश के आईपीएस अधिकारी  (Additional Director General of Police) मनीष शंकर शर्मा(mani shankar sharma)  के सुझावों को अंतरराष्ट्रीय स्तर (Internationally) पर सराहा गया है ।

इस सेमिनार में पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आईएसआई(Pakistani intelligence agency ISI) के पूर्व चीफ असद दुर्रानी (Former Chief Asad Durrani) ने आतंकवाद (Terrorism) को लेकर कहा कि वास्तव में आतंकवाद नाम की कोई चीज है ही नहीं। यदि कुछ है थोड़ी बहुत तो वह हिंदू आतंकवाद है ।दुर्रानी के अनुसार आतंकवाद वास्तव मे उससे पीड़ित व्यक्ति द्वारा अपने प्रतिकार की अभिव्यक्ति मात्र है ।

दुर्रानी के बाद जब मध्य प्रदेश के आईपीएस अधिकारी मनीष शंकर शर्मा के बोलने की बारी आई तो उन्होने पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आईएसआई के पूर्व चीफ असद दुर्रानी के विचारों से असहमति जताते हुए कहा कि आतंकवाद विश्वव्यापी हो चुका है और इसे मिटाने के लिए तीन स्तरीय प्रयास स्थानीय,राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर करने होंगे। मनीष ने कहा कि स्थानीय स्तर पर शासन के अंग और समाज में लगातार संवाद करके आतंकवाद को समाप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसी लिखित राष्ट्रीय सुरक्षा नीति जो समूचे देश में लागू हो की भी सख्त जरूरत है क्योंकि अभी आतंकवाद से जुङे कई मामलो मे संशय की स्थिति रहती है कि किस प्रकार कारवाई करना है।

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आतंकवाद को परिभाषित करने की सख्त आवश्यकता है ।मनीष ने कहा कि यह दुर्भाग्य बात है कि आज तक संयुक्त राष्ट्र संघ या कोई अन्य संस्था आतंकवाद की परिभाषा पर ही सहमत नहीं हो पाई है और हर देश अपने हिसाब से आतंकवाद की परिभाषा करता है। इसे मिटाने के लिए वैश्विक स्तर पर आतंकवाद को परिभाषित कर उस पर सहमत होना जरूरी है।मनीष के इन विचारो से लगभग सभी उपस्थित लोगो ने सहमति जतायी।

कौन है मनीष शंकर शर्मा

मनीष शंकर शर्मा का इंदौर से पुराना रिश्ता है। वे मूल रूप से होशंगाबाद के निवासी हैं, उनके पिता केएस शर्मा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके हैं। डेली काॅलेज से स्कूलिंग करने के बाद उन्होंने भोपाल से ग्रैजुएशन किया और इसके बाद बिड़ला इंस्टीट्यूट पिलानी से एमबीए किया। आईपीएस में चयन के बाद वे संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत बोस्निया और हर्जेगोविना में प्रतिनियुक्ति पर रहे थे, जहां उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी थी।खास बात ये है कि मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी मनीष शंकर शर्मा वही है जिन्हें हाल ही में देश की निजी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी सर्वोच्च संस्था सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (कैप्सी) की ओर से प्रतिष्ठित ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अवार्ड’ से सम्मानित किया था।मनीष को यह सम्मान निजी सुरक्षा व्यवसाय के लिए निरंतर उत्कृष्ट प्रतिबद्धता और अथक सेवाभाव के लिए दिया गया।

क्या है GCTC

जैसा कि आपको ज्ञात है कि GCTC का ये आयोजन बेहद उत्कृष्ट तरीके से किया जाता है किन्तु इस बार कोरोना महामारी की वजह से ये आयोजन ऑनलाइन किया जा रहा है। हालाँकि GCTC ने कहा है कि सामाजिक गड़बड़ी ने हमें दुनिया से काट दिया है लेकिन वेब पहुंच एक ऐसा विकल्प है जो हमें दूर बैठकर भी जोड़ता है। GCTC ने ये भी कहा है कि विद्वानों, कार्यालयों, पत्रकारों और कई डोमेन विशेषज्ञों के साथ सुरक्षा, कूटनीति और शासन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए आभासी बुद्धिशीलता सत्रों की एक श्रृंखला उपयोगी है। GCTC मंथन में “कट्टरपंथी, हिंसात्मक अतिवाद और आतंकवाद: COVID-19 के दौरान और बाद के विषय” पर चर्चा की जाएगी। अतिथि वक्ता विविध क्षेत्रों और असंख्य क्षेत्रों के वरिष्ठ हैं।