टाटा ग्रुप : टाटा संस ने कैंपबेल विल्सन को एयर इंडिया का सीईओ, प्रबंध निदेशक नियुक्त किया

टाटा संस ने गुरुवार को कैंपबेल विल्सन को एयर इंडिया का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया। विल्सन फिलहाल सिंगापुर एयरलाइंस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्कूट के सीईओ हैं। न्यूजीलैंड में जन्मे 50 वर्षीय कैंपबेल विल्सन के पास एयरलाइन और विमानन दोनों ही उद्योगों में 26 साल का अनुभव है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। टाटा संस ने गुरुवार को कैंपबेल विल्सन को एयर इंडिया का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया। विल्सन फिलहाल सिंगापुर एयरलाइंस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्कूट के सीईओ हैं। न्यूजीलैंड में जन्मे 50 वर्षीय कैंपबेल विल्सन के पास एयरलाइन और विमानन दोनों ही उद्योगों में 26 साल का अनुभव है।

अभी तक इस पद का दायित्व टाटा समूह के चीफ एन चंद्रशेखरन निभा रहे थे।

विल्सन ने नई चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा, “एयर इंडिया दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइनों में से एक बनने के लिए एक रोमांचक यात्रा के शिखर पर है, जो एक विशिष्ट ग्राहक अनुभव के साथ विश्व स्तरीय उत्पादों और सेवाओं की पेशकश करता है जो भारतीय गर्मजोशी और मेहमाननवाजी को दर्शाता है।”

विल्सन की नए सीईओ और एमडी के रूप में नियुक्ति पर, चंद्रशेखरन ने कहा, “वह एक उद्योग के दिग्गज हैं जिन्होंने कई कार्यों में प्रमुख वैश्विक बाजारों में काम किया है। इसके अलावा, एयर इंडिया को एशिया में एक एयरलाइन ब्रांड बनाने के अपने अतिरिक्त अनुभव से लाभ होगा। मैं विश्व स्तरीय एयरलाइन बनाने में उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।”

वहीं, एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया, “विल्सन ने 1996 में न्यूजीलैंड में एसआईए के साथ एक प्रबंधन ट्रेनी के रूप में शुरुआत की। उन्होंने 2011 में सिंगापुर लौटने से पहले कनाडा, हांगकांग और जापान में एसआईए के लिए काम किया, जिसके बाद उन्होंने स्कूट के संस्थापक सीईओ के रूप में 2016 तक नेतृत्व किया। विल्सन तब अप्रैल 2020 में स्कूटर के सीईओ के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए लौटने से पहले, एसआईए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिक्री और मार्केटिंग के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने मूल्य निर्धारण, वितरण, ईकामर्स, मर्चेंडाइजिंग, ब्रांड और मार्केटिंग, वैश्विक बिक्री और एयरलाइन के विदेशी कार्यालयों का निरीक्षण किया।”

आपको बता दे, इससे पहले समूह ने तुर्की के इल्कर आयसी को एयर इंडिया के सीईओ के रूप में नियुक्त किया था, लेकिन इसका बहुत विरोध हुआ और परिणामस्वरूप, आयसी ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

टाटा ग्रुप ने अक्टूबर में किया था अधिग्रहण

पिछले साल अक्टूबर में, सरकार ने एयर इंडिया को टाटा समूह की सहायक कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को 18,000 करोड़ रुपये में बेच दिया था। एयर इंडिया 4,400 से अधिक घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट के साथ-साथ विदेशों में 900 स्लॉट को नियंत्रित करती है। टाटा के पास 141 विमानों में से 42 लीज पर हैं जबकि शेष 99 खरीदे हुए हैं।

आपको बता दे, टाटा ने 1932 में टाटा एयरलाइंस की स्थापना की थी, जिसे बाद में 1946 में एयर इंडिया का नाम दिया गया। सरकार ने 1953 में एयरलाइन पर अधिग्रहण किया, लेकिन जेआरडी टाटा 1977 तक इसके अध्यक्ष बने रहे। लेकिन इसके 69 वर्षों के बाद एयर इंडिया ने एक बार फिर 2021 में घर वापसी की।