कांग्रेस विधायक ने CM शिवराज को फिर लिखा पत्र, कहा- “आप इतने हठधर्मी क्यों हो गए हो”

ग्वालियर।अतुल सक्सेना

आज 12 की परीक्षाएं शुरू हो गई और जल्दी ही विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी होंगी। कांग्रेस सहित छात्रों की जनरल प्रमोशन की मांग को दरकिनार करते हुए शिवराज सरकार परीक्षाएं करवा रही है और दावा कर रही है कि पूरी सावधानी और सतर्कता बरती जायेगी। कोरोना से बचाव के पूरे इंतजाम किये जायेंगे लेकिन पहले ही दिन इन दावों की हवा निकल गई। स्कूलों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखीं। परिजन और छात्र यहाँ वहाँ परेशान होते दिखे लेकिन सरकारी महकमा अपनी गति से काम करता रहा।

परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ और अव्यवस्था देखकर ग्वालियर दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आज फिर पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने छात्रों को जनरल प्रमोशन देने की मांग की है। विधायक श्री पाठक ने कहा कि मेरे द्वारा आपके संज्ञान में लगातार प्रदेश के छात्र छात्राओं की परीक्षा स्थगित करने और उन्हें जनरल प्रमोशन देने का विषय लाया जाता रहा है किंतु दु:खद है कि आप इस संवेदनशील विषय पर हठधर्मी बन कर बैठ गए हैं और हमारे प्रदेश के मासूम छात्र छात्राओं के जीवन को परीक्षा के बहाने कोरोना से जूझने में दांव पर लगा दिया गया है । आज से आरंभ कक्षा 12 की परीक्षाओं में जो नजारा मैंने केंद्रों पर स्वयं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता ने देखा है वह भयावह है ..मुझे सुबह से अभिभावकों व परिजनों के संदेश आ रहे हैं जिसमें वह डरे सहमे हुए हैं ..आज मासूम विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों में ठीक उसी तरह भटकते नजर आए जिस प्रकार गरीब वर्ग लॉक डाउन के दौरान परेशान था। फिजिकल डिस्टेंसिंग कहना आसान है किंतु जब जीवन का खतरा हो और परीक्षा का मानसिक तनाव भी तो अनुभवी आदमी भी तनाव और चिंता से ग्रस्त हो जाएगा फिर यह तो मासूम विद्यार्थी है।

विधायक श्री पाठक ने पत्र में आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे प्रश्न है कि आप जिस जिद के साथ विद्यार्थियों की परीक्षा कराने पर अड़े हैं और इस वैश्विक खतरे के बीच उनकी परीक्षा करवा रहे हैं, यदि ईश्वर न करें किसी छात्र छात्रा को कोविड-19 संक्रमण हुआ और अन्य लोग उसकी चपेट में आ गए और कोई अनहोनी हुई तो क्या आप और आपकी सरकार का कोई भी व्यक्ति इसकी जिम्मेदारी लेगा? मुझे समझ ही नहीं आ रहा कि कब तक, मध्य प्रदेश में ऐसे ही आप मूल कर्तव्य से पलायन करेंगे, कब तक मध्य प्रदेश के लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ यूं ही होता रहेगा कभी बाबा रामदेव की दवा का क्लीनिकल ट्रायल, तो कभी गरीबों के हक के आटे में से चोरी अब विद्यार्थियों के जीवन से भी खिलवाड़ जारी है।

आपने जिस मुस्तैदी से एक लोकतंत्र सरकार को गिरा कर सत्ता हथियाई थी उसी तरह जनता के हित में भी जिम्मेदारी एवं संवेदनशील मुख्यमंत्री होने का प्रमाण दें। मैं आज की परीक्षा के बाद के गंभीर हालातों को देखकर आपसे पुन: निवेदन करता हूं कि प्रदेश के विद्यार्थियों को कोरोना संकट की आग में मत झोंकिए । इन मासूम भाई बहनों का जीवन इस राज्य का भविष्य है और इस भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए इनकी परीक्षाएं स्थगित करके इन्हें जनरल प्रमोशन दीजिए या फिर परीक्षा केंद्रों पर समुचित व्यवस्था कीजिए क्योंकि यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी भी है जिसे आज आप और आपकी सरकार पूरी तरह भूल गई है।

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