खबर का असर: वर्जुअल रैली में आखिरकार एक-साथ नजर आए सिंधिया-केपी

अशोकनगर।हितेन्द्र बुधौलिया।

मुंगावली विधानसभा की वर्जुअल रैली में स्थानीय सांसद के पी यादव के शामिल ना होने एवं आज होने बाली रैली को लेकर किये गये प्रचार प्रसार की सामग्री से सांसद के पी यादव का नाम नदारद होने के मामले को लेकर सोमवार को MPBREAKINGNEWS ने प्रमुखता से खबर ( MP Politics: महाराज की एंट्री के बाद हाशिये पर भाजपा सासंद केपी यादव )  खबर प्रसारित की थी। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने क्षेत्रीय सांसद केपी यादव को दरकिनार करने के इस मामले तूल पकड़ा तो आज मंगलवार को अशोकनगर की वर्जुअल रैली में सांसद केपी यादव भी जुड़ गये।

सिंधिया के भाजपा में आने के बाद यह पहला अवसर है, जब सिंधिया और केपी यादव एक साथ एक कार्यक्रम में आये या आमने सामने हुये।हालांकि यह संग भी ऑनलाइन ही था। रैली के दौरान न केवल दोनो ने एक दूसरे को संबोधित किया बल्कि पुराने संबद्ध याद किये साथ ही एक दूसरे के कामो को भी सराहा।अशोकनगर विधानसभा में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर आज कार्यकर्ता एवं अन्य लोगों के लिए पार्टी की तरफ से एक ऑनलाइन वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया। जिसमें बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, क्षेत्रीय सांसद डॉ के पी यादव ,भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश रघुवंशी एवं पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी सहित कई दूसरे लोग शामिल हुये।

यूं तो इस रैली में आगामी विधानसभा उपचुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का मामला था। मगर इस रैली में हुई बातचीतओं से ज्यादा महत्व राजसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं क्षेत्रीय सांसद डॉक्टर के पी यादव का एक साथ होना सबसे बड़ा विषय रहा। करीब ढाई वर्ष पहले मुंगावली विधानसभा उपचुनाव के दौरान सिंधिया से नाराज होकर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए केपी यादव एवं सिंधिया पहली बार आमने सामने हुये है।दूरियां कम हुई मुंगावली विधानसभा उपचुनाव एवं लोकसभा चुनाव की जीत हार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं केपी यादव के बीच तल्ख़ियां बढ़ती गई थी, कई बार मंचों से भी खुलेआम दोनों एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा चुके थे ।करीब 3 महीने पहले सिंधिया के भाजपा में आने के बाद भी सांसद के पी यादव चुप ही रहे थे।इस बीच दोनों के बीच खाई बढ़ने की खबरें आती रही थी।कल मुंगावली एवं बमोरी की वर्चुअल रैली में सांसद के पी यादव के शामिल ना होने एवं यह खबर आने के बाद ही उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था। यह मामला तूल पकड़ गया था जिसमें माना जा रहा था कि सिंधिया के दबाव के कारण के पी यादव को दरकिनार या कमजोर किया जा रहा है। प्रदेश भर में जबरिया मामला सुर्खियों में आया तो आज तस्वीर बदली हुई थी आज अशोकनगर विधानसभा की वर्चुअल रैली में सांसद के पी यादव एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया साथ साथ रहे।

एक दूसरे को सराहा,तल्खियों की बर्फ पिघलती दिखी आज ही रैली के विषय से ज्यादा लोगों के लिए चर्चा एवं जानने का मुद्दा यह है कि सिंधिया और केपी यादव जब साथ में थे तो क्या बात हुई। दोनों ने ही रैली को संबोधित करने के दौरान शिष्टाचार के तहत एक दूसरे को संबोधित किया ।साथ ही अपने अपने भाषण में दोनों ने एक दूसरे का जिक्र किया। लगातार दोनो के बीच आई तल्खियों के खबरों से परे वर्चुअल रैली में हुई हुए संवाद से संबंधों में आई तल्खी की बर्फ पर पिघलती हुई नजर आई। इस दौरान राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने के पी यादव को संबोधित करते हुए कहा वह लंबे समय से इनके साथ काम करते रहें है, साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान सांसद के पी यादव के द्वारा किए गए काम को भी सिंधिया ने सराहा।

सांसद के पी यादव ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया और कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अनुभव रहा है।सांसद यादव ने कहा कि आगे भी सिंधिया के मार्गदर्शन उनके साथ अच्छे काम करते रहेंगे।वर्चुअल रैली का यह संवाद सच में रिश्तो के सामान्य होने का मामला है ।या यह देखने दिखाने भर का मामला है यह तो आने वाला वक्त तय करेगा ।बहरहाल उपचुनाव को देखते हुए फिलहाल यह सन्देश देने की की कोशिश की गई है कि दोनों के बीच स्थितियां सामान्य हो रही है।