MP : योजना हो गई बंद पर अब तक नहीं मिला हितग्राहियों को लाभ, गुस्से में किसान

जिसके बाद अब इस मामले में भारतीय किसान, मजदूर सेना 4 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगी।

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भोपाल/इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ जहां पूरे देश में नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर किसान आंदोलन (Farmers protest) किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में शिवराज सरकार (shivraj government) और उनके मंत्रियों का कहना है कि प्रदेश के किसान संतुष्ट हैं और उन्हें प्रदेश में उचित सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इन सब के बीच लगातार किसान अपनी समस्याओं को लेकर उग्र हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला इंदौर जिले से सामने आया है।

दरअसल किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलने के लिए राज्य सरकार द्वारा भावांतर योजना शुरू की गई थी। जिसके बाद इस योजना के तहत प्याज की खरीदी की गई है। लेकिन किसानों की समस्या है कि 2 साल के बाद भी मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के कई ऐसे किसान है। जिन्हें इस योजना की राशि अब तक अदा नहीं की गई है। वहीं किसानों का कहना है कि इस मामले को लेकर लगातार किसान मंडी के अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन उनकी तरफ से भी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया है। जिसके बाद अब इस मामले में भारतीय किसान, मजदूर सेना 4 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगी।

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बता दें कि किसानों के फसल के मूल्य को सुरक्षित रखने के लिए आज से 4 वर्ष पूर्व जबकि तत्कालीन शिवराज सरकार ने भावांतर योजना की शुरुआत की थी। जिसके तहत प्याज की खरीदी की गई थी। वही प्याज के भाव 800 रुपए क्विंटल तय किए गए थे। हालांकि किसानों द्वारा खरीदी गई प्याज की फसल के मूल्य अब तक कई किसानों को अदा नहीं किए गए।

गौरतलब हो कि किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पाता था। मंडी में उनकी उपज के दाम गिर जाते थे। इसी कारण किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ता था। इस नुकसान से बचने के लिए तब की शिवराज सरकार ने बड़ा कदम उठाया था। जिसके बाद प्रदेश में भावांतर योजना शुरू की गई थी।

इस योजना के तहत फसल की कीमत गिर जाने पर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच के अंतर की राशि किसानों के खाते में जमा करती थी। हालांकि इसके लिए किसानों को सरकार के ई उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होता था। जिसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस योजना को बंद कर दिया गया था लेकिन तब की शुरू की गई इस योजना के हितग्राहियों को लाभ आज भी नहीं मिल पाया है। जिसको लेकर अब किसान नेता सीएम शिवराज के नाम ज्ञापन सौंपने वाले हैं।