सिंधिया समर्थक नेता ने महाप्रबंधक को लिखा पत्र, बकाए बिजली बिल में भारी भ्रष्टाचार की जताई आशंका

भिण्ड, गणेश भारद्वाज। मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत विद्युत विभाग के द्वारा किये जा रहे अनैतिक कृत्यों एवं जिले में बिजली विभाग में व्याप्त भारी अनियमितताओं को लेकर भाजपा नेता डॉ रमेश दुबे ने बिजली विभाग के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर बिंदुबार जानकारी मांगी है। पत्र के माध्यम से डॉ रमेश दुबे ने कहा कि जिले में लाखों के बिजली के बिल जमा कराए बिना ही पीडीसी किया गया जबकि नियमानुसार विजली बिल की बकाया राशि जमा कराकर ही पीडीसी किया जा सकता है। तत्पश्चात ही बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है, इस विषय पर भारी भ्र्ष्टाचार होने की आशंका की वजह से एस.ई. से जानकारी मांगी है कि जिले में आई.टी.आई. ज़ोन, वाटरवर्क्स ज़ोन सहित पूरा भिण्ड डिवीजन, मेहगांव, गोहद,लहार आदि सही समस्त जिले में 1 अगस्त 2019 से लेकर 1 अगस्त 2020 तक जिले में कितनी पीडीसी की गई एवं कितना राजस्व विद्युत विभाग को प्राप्त हुआ, इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

डॉ रमेश दुबे ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुसार कोरोना संक्रमणकाल में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा पत्र क्रमांक 6021/2020/तेरह दिनांक 27 अगस्त 2020 में दिए गए निर्देशों को अनदेखा करते हुए अधीनस्थ कर्मचारियों के द्वारा वाटरवर्क्स ज़ोन की उपभोक्ता सुमन जैन निवासी मक्खन कॉलोनी झांसी मुहल्ला व सुनील कुमार निवासी मेला के पास का विद्युत कनैक्शन विच्छेद किया गया, इस विषय पर भी स्पष्ट तौर पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए। डॉ दुबे ने कहा कि जिले भर से शिकायतें आ रही हैं कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को विद्युत भार का आंकलित बिल दिया जा रहा है जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है जोकि मध्यप्रदेश सरकार की मंशानुरूप नहीं है।

डॉ दुबे ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अघोषित कटौती एवं विद्युत सप्लाई में कमी आने पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा समय पर दुरुस्ती नहीं की जाती,जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा विद्युत कनैक्शन धारकों को निर्बाध बिजली प्रदान करने के स्पष्ट निर्देश हैं फिर भी मेंटेनेंस आदि के बहाने लेकर कटौती किस आधार पर की जा रही है, यह विभाग की घोर लापरवाही है।

उपरोक्त बिंदुओं पर डॉ दुबे ने बिजली विभाग के एस.ई. से बिंदुवार सम्पूर्ण जानकारी मांगी है एवं इन शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। डॉ दुबे ने कहा कि यदि यदि बिजली विभाग भिण्ड के एस.ई. के द्वारा समुचित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है एवं संदर्भित शिकायतों पर कार्यवाही नहीं की जाती है तो इस बात को प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी एवं ऊर्जामंत्री प्रदुमन सिंह तोमर के समक्ष रखा जाएगा।

सिंधिया समर्थक नेता ने महाप्रबंधक को लिखा पत्र, बकाए बिजली बिल में भारी भ्रष्टाचार की जताई आशंका