भोपाल, गौरव शर्मा। अपने प्रिय महाराज के लिए कुएं में कूद जाने की बात करने वाली पूर्व मंत्री इमरती देवी (imarti Devi) की Scindia के साथ कुछ तस्वीरे वायरल (viral) हो रही है। यह तस्वीरें निर्मम राजनीति से इतर एक नेता और उसके अनुयाई के बीच दिली रिश्तो को बयां कर रही है।

‘महाराज कहे तो मैं कुएं में कूद जाऊंगी’ यह कहने वाली एक सीधी सरल और चेहरे पर सौम्य मुस्कान लिये अलग पहचान रखने वाली इमरती देवी तो आपको याद होंगी। अभी डेढ़ साल का ही वक्त हुआ है जब प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री के रूप में कमलनाथ सरकार (kamalnath government) में सत्ता सुख भोग रही इमरती ने अपने राजनीतिक संरक्षक ज्योतिरादित्य सिंधिया((Jyotiraditya Scindia) के एक इशारे पर सरकार और पार्टी दोनों से किनारा कर लिया था।

जब सिंधिया ने कांग्रेस में उपेक्षा से दुखी होकर बीजेपी में जाने का मन बनाया था तो वह पहली शख्सियत इमरती देवी ही थी जिन से Scindia ने पूछा था क्या उनके साथ पार्टी छोङेगी? बिना एक क्षण गवाए इमरती का जवाब था ‘महाराज, जो कुछ मिला आपसे मिला और सब कुछ आपके लिए अर्पण’। दरअसल इमरती आम राजनीतिज्ञ की तरह उस एहसान को नहीं भूली जो सिंधिया ने अनुसूचित जाति की मजदूर महिला के रूप में उनकी प्रतिभा को पहचान कर किया था। पहले जिला पंचायत की सदस्य और फिर तीन बार की विधायक इमरती ग्वालियर चंबल अंचल में सिंधिया की सर्वाधिक विश्वस्त सिपाहसलारो में से एक हैं।

Read More: Government Jobs: इन पदों पर निकली बंपर वेकेंसी, वेतन 1 लाख से अधिक, जल्द करें अप्लाई

राजनीति में भी इमोशन होते हैं, देखिए Scindia की इमरती के साथ भावुक कर देने वाली तस्वीरें

हालाकि इमरती विधानसभा में उपचुनाव में पराजित हुई बावजूद इसके उन्हें कोई गिला नहीं। सिंधिया के प्रति उनकी आस्था आज भी उतनी है बल्कि ज्यादा ही जितनी पहले थी और उन्हें चिंता भी इस बात की थी कि महाराज जल्द से जल्द केंद्रीय मंत्री बने। यही कारण था कि जब सिंधिया केंद्रीय मंत्री बने और उनके सामने इमरती बधाई देने पहुंचे तो दोनों एक दूसरे को नहीं रोक पाए।

इमरती की आंखों से अविरल बहती अश्रु धारा को देख सिंधिया ने उन्हें अपने गले से लगा लिया और खुद भी भावुक हो गए। राजनीति में ऐसे भावुक क्षण बेहद कम देखने को मिलते हैं। भले ही इमरती अभी राजनीतिक पुनर्वास की तलाश में है लेकिन उन्हें इससे ज्यादा संतुष्टि शायद इस बात की है कि अब महाराज को तो केंद्रीय मंत्री के रूप में सम्मान मिल गया।