अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ा झटका, इस मामले में सख्त शिवराज सरकार

बता दें कि सीएम शिवराज (CM Shivraj) 7 दिसंबर को कलेक्टर कमिश्नर के साथ कॉन्फ्रेंस बैठक करने वाले हैं। इससे पहले प्रशासन विभाग द्वारा अधिकारी कर्मचारियों की जानकारी जुटाना इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बात पर सख्त निर्णय ले सकते हैं।

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में अधिकारी-कर्मचारियों को एक बड़ा झटका लगने वाला है। शिवराज सरकार (shivraj government) अधिकारी कर्मचारी के परफॉर्मेंस (performance) के लिए बने फार्मूले को लेकर एक बार फिर सख्त हुई है। जिसका खामियाजा अब अधिकारी कर्मचारियों को भुगतना पड़ सकता है। इस मामले में राज्य शासन ने सभी विभागों से 4 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

दरअसल राज्य सरकार ने एक बार फिर से परफॉर्मेंस के लिए बनाए गए 20:50 के फार्मूले को लेकर सख्ती दिखाई है। इसका मतलब है कि अब कर्मचारी की मेडिकल जांच (medical test) की जाएगी और जिस कर्मचारी की मेडिकल रिपोर्ट अनफिट आती है या इलाज के बाद भी वो स्वस्थ महसूस नहीं करते। उन्हें 20 साल की नौकरी के बाद खुद रिटायरमेंट (retirement) लेने का मौका दिया जाएगा।

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इतना ही नहीं अधिकारी कर्मचारी की सीआर नंबर 50 से कम होने के बाद उन्हें नौकरी से बाहर भी किया जा सकता है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग में सभी विभाग, निगम मंडल, कलेक्टर, संभागीय आयुक्त को पत्र भेजकर 4 दिसंबर तक जानकारी देने की बात कही है।

वहीं प्रदेश में अधिकारी कर्मचारियों के लिए बनाई गई परफॉर्मेंस पद्धति को श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी प्राप्त करने वाले को 5 अंक मिलते हैं। वहीं दूसरी श्रेणी वाले को 4, तीसरी श्रेणी वाले को 3 और चौथी श्रेणी वाले को 2 अंक मिलेंगे। यदि कोई कर्मचारी लगातार पहली श्रेणी के अंक प्राप्त कर रहा है तो 20 वर्षों में उसके सौ फीसद अंक हो जाएंगे। जिससे उसकी नौकरी पर किसी भी तरह के संकट नहीं होंगे। वही तीसरी और चौथी श्रेणी वालों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

बता दें कि सीएम शिवराज (CM Shivraj) 7 दिसंबर को कलेक्टर कमिश्नर के साथ कॉन्फ्रेंस बैठक करने वाले हैं। इससे पहले प्रशासन विभाग द्वारा अधिकारी कर्मचारियों की जानकारी जुटाना इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बात पर सख्त निर्णय ले सकते हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि परफॉर्मेंस के आधार पर ही अधिकारी कर्मचारियों की फुल पोस्टिंग की जाएगी।