तीन-तीन हजार रूपए देकर ट्रक से घर जा रहे मजदूर, समाजसेवी वर्ग कर रहे मदद

जबलपुर।संदीप कुमार

कोरोना वायरस में लगे लॉकडाउन में फंसे हुए लोग किसी भी कीमत में अपने घर तक पहुंचना चाह रहे हैं। फिर इसके लिए उन्हें भले ही अवैध रूप से जाना हो या फिर भेड़ बकरियों की तरह ट्रक में भरकर। जबलपुर बाईपास में भी इन दिनों कुछ ऐसे ट्रक देखने को मिल रहे है जिसमें की भेड़ बकरियों की तरह इंसान भरे हुए है।

ट्रक में बैठे थे भूखे प्यासे

जबलपुर बाईपास पर जैसे ही एक ट्रक पहुंचा तो उस ट्रक से भेड़ बकरियों की तरह इंसान बाहर निकलने लगे। उस ट्रक में करीब 70 से 80 लोग सवार थे। जिन्हें की जबलपुर के समाजसेवियों ने खाना ऒर पानी उपलब्ध करवाया।

चालक ने एक व्यक्ति से लिए इलाहाबाद पहुंचाने के 3000

ट्रक में सवार भेड़ बकरियों की तरह युवकों से जब बात की तो उन्होंने बताया कि वह लोग ट्रक में सवार होकर मुम्बई से इलाहबाद जा रहे है। ट्रक में करीब 60 से 70 लोग सवार थे जो कि मुंबई में मजदूरी किया करते थे लॉक डाउन के चलते मजदूरी छिन गई और अब वापस अपने घर इलाहाबाद जाना चाह रहे है।ट्रक में सवार एक युवक ने बताया कि उन्होंने ट्रक चालक को प्रति व्यक्ति के हिसाब से 3000 रु दिए है इलाहाबाद तक पहुँचाने के लिए। भेड़ बकरियों की तरह ट्रक में बैठे लोग किसी भी कीमत में बस अपने घर पहुँचाना चाहते है।

ट्रक चालक ने 3000 में किया था सौदा

ट्रक में सवार एक युवक ने बताया कि वह लोग मुंबई में मजदूरी किया करते थे पर लॉक डाउन के चलते उनका रोजगार छिन गया है। यही वजह है कि अब वो लोग अपने घर जाना चाहते है।

मुंबई से जबलपुर तक आ गए पर कहीं नहीं हुई चेकिंग

ट्रक में सवार महेश कुमार ने बताया कि 2 दिन पहले वह लोग मुंबई से निकले थे रास्ते में कुछ समय के लिए उनका ट्रक रुका जरूर था पर चालक में पुलिस को कुछ रु देकर मना लिया। बहरहाल ट्रक में सवार इन लोगप के घर पहुँचने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है।घर पहुँचने की चाह में ये लोग अपनी सारी तकलीफ भी भूल गए है।