ट्रांसपोर्टर्स का मंत्री को पत्र, ऐसे कैसे पूरा होगा प्रधानमंत्री मोदी का सपना

यदि विभाग ने ऐसे ही चुप्पी साधी रही तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना कैसे चरितार्थ होगा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। परिवहन विभाग (Transport Department) की जांच चौकियों पर हो रही अवैध वसूली (Illegal Recovery)और गुंडागर्दी को बंद कराने के लिये पिछले दो साल से संघर्ष कर रही इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (Indore Truck Operators And Transport Association) ने प्रदेश के परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन इस मामले में परिवहन विभाग को शिकायत कर चुका हैं जहाँ जांच भी पूरी हो चुकी है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले की शिकायत लोकायुक्त में भी की गई है।

इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (Indore Truck Operators And Transport Association) ने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) को पत्र लिखकर परिवहन विभाग की जांच चौकियों पर एंट्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली, अभद्र व्यवहार और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (Indore Truck Operators And Transport Association) के अध्यक्ष सीएल मुकाती ने मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि वे पिछले दो वर्षों से परिवहन विभाग की जांच चौकियों पर चल रही अवैध वसूली और गुंडागर्दी की शिकायत कर रहे हैं। परिवहन आयुक्त सहित विभाग के आला अधिकारियों को भी शिकायत की है, आपके समक्ष भी तीन बार संस्था का प्रतिनिधिमंडल अपनी बात रख चुका है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (Indore Truck Operators And Transport Association)  के अध्यक्ष सीएल मुकाती ने कहा कि परिहन विभाग की बालसमंद सेंधवा परिवहन चौकी के पूर्व प्रभारी दशरथ पटेल द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की शिकायत वे विभाग सहित लोकायुक्त में भी की गई है। लोकायुक्त में इसकी जांच जारी है लेकिन परिवहन विभाग को 100 से अधिक पत्र दिये जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं जो एक बड़ी चिंता का विषय है। यदि विभाग ने ऐसे ही चुप्पी साधी रही तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना कैसे चरितार्थ होगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस अंधी लूट के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है तो प्रदेश के सभी ट्रांसपोर्टर्स एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

15 दिन पहले सौंपी जा चुकी है जांच रिपोर्ट अब तक कोई एक्शन नहीं

गौरतलब है कि परिवहन विभाग में शिकायत के साथ एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत किये गए साक्ष्य के आधार पर जांच अधिकारी संभागीय परिवहन उपायुक्त अरुण कुमार सिंह ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित आरोपियों और अन्य लोगों कुल मिलाकर करीब 100 लोगों के बयान दर्ज कर जांच रिपोर्ट 18 जनवरी को परिवहन आयुक्त मुकेश जैन को सौंप दी है बावजूद इसके 15 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक इस पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। जिससे इस शंका को बल मिलता है कि परिवहन चौकियों पर चल रही अवैध वसूली और गुंडागर्दी करने वालों पर विभाग के आला अधिकारी ही मेहरबान हैं।

ट्रांसपोर्टर्स का मंत्री को पत्र, ऐसे कैसे पूरा होगा प्रधानमंत्री मोदी का सपना