इंदौर के डॉक्टर द्वारा निर्मित की गई कोरोना की दवा से इलाज का दावा

इंदौर। आकाश धोलपुरे

देश के कोरोना(corona) हब(hub) बनते जा रहे इंदौर(indore) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल यहां एक डॉक्टर(doctor) ने दावा किया है कि उनके द्वारा बनाई गई दवा कोरोना पीड़ित सामान्य मरीज को 3 दिन में और गम्भीर मरीज को 7 दिन के अंदर स्वस्थ कर सकती है। डॉक्टर के दावे पर विश्वास किया जाए तो इंदौर कोरोना संक्रमण जैसी वैश्विक बीमारी के हल करने वाला विश्व का पहला शहर बन सकता है। जहां विश्वभर में डॉक्टर और वैज्ञानिक(scientist) कोरोना के अदृश्य वायरस(virus) को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने के ट्रायल(trial) कर रहे है वही इंदौर के होम्योपैथी(homeopathy) विशेषज्ञ डॉ. शांतिलाल गोयल ने कोरोना वायरस को महज 3 दिन में खत्म कर देने वाली अचूक दवा विकसित करने का दावा किया है वही गम्भीर मरीजो को 7 दिन में ठीक होने का दावा भी किया गया है।

डॉ. गोयल की दवा का असर देख शहर के कई लोग उनके घर पहुंच रहे है तो दूसरी ओर अन्य राज्यो से भी उनसे दवा की मांग की जा रही है। इधर, डॉक्टर और उनके प्रबंधन ने इंदौर के मरीजों को भी दवा देने का अनुरोध जिला प्रशासन से करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्रालय को दवा का ट्रायल करने संबंधी प्रस्ताव भेजा है लेकिन ये बात साफ है कि WHO द्वारा जारी गाइडलाइन के हिसाब से होम्योपैथी पद्धति के किसी ट्रायल की अनुमति नही दी जा सकती है ऐसे में स्थानीय स्तर पर दवा और दावे की प्रमाणिकता सरकार के लिये एक चुनौती होगी। बीते 40 साल से एंटीवायरल मेडिसिन के कॉम्बिनेशन और विभिन्न नमूनों पर गहन शोध के अपने अनुभव से डॉ. गोयल ने होम्योपैथी इलेक्ट्रो होम्योपैथी और जेम थेरेपी के जरिए कोरोना के खिलाफ ये दवा विकसित की है।

बता दे कि डॉक्टर द्वारा विकसित की गई दवा का संक्रमित मरीजों पर टेस्ट नहीं हुआ है हालांकि इसके पहले उनके द्वारा विकसित की गई दवाई स्वाइन फ्लू थैलेसीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों में भी कारगर साबित हुई है। सबसे खास बात ये है कि डॉ. गोयल द्वारा विकसित की गई दवा का कोई साइड इफेक्ट नही होता है क्योंकि वो बीमारियों के इलाज के लिये होम्योपैथी पद्धति का उपयोग करते है। बता दे कि दूसरे लॉक डाउन के पहले पीएम मोदी ने देश के देवदूत रूपी डॉक्टरों से अपील की थी कि वो कोशिश करे की इस महामारी की कोई दवाई देश में ही विकसित की जाए लेकिन इंदौर के डॉ. द्वारा निर्मित की गई दवाई के ट्रायल पर अभी सवाल बने हुए है।