बीजेपी के इस अभेद किले में कांग्रेस ने लगाई सेंध, युवा नेता विपिन वानखेड़े की जीत

बता दें कि 2018 में मनोहर ऊंटवाल के खिलाफ चुनाव मैदान में भी कांग्रेस की तरफ से विपिन वानखेड़े ही थे| उस समय ऊंटवाल ने 2490 मतों से विपिन वानखेड़े को हराया था

आगर, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव (Byelection) के नतीजों से भाजपा (BJP) बेहद उत्साह में है, अधिकांश सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों का अच्छा प्रदर्शन रहा| लेकिन बीजेपी के एक अभेद किले में सेंध लगाने में कांग्रेस कामयाब हो गईं है| आगर विधानसभा उपचुनाव (aagar assembly byelection) में कांग्रेस प्रत्याशी विपिन वानखेड़े (Vipin Wankhede) ने भाजपा के मनोज ऊंटवाल को हरा दिया है|

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में आगर सीट से मनोहर ऊंटवाल जीते थे, लेकिन उनके निधन के बाद यह सीट खाली थी| उपचुनाव में भाजपा ने उनके बेटे मनोज ऊंटवाल को प्रत्याशी बनाया था| वहीं कांग्रेस ने विपिन वानखेड़े पर दुबारा दांव खेला था| कांग्रेस का यह दांव काम कर गया| बता दें कि 2018 में मनोहर ऊंटवाल के खिलाफ चुनाव मैदान में भी कांग्रेस की तरफ से विपिन वानखेड़े ही थे| उस समय ऊंटवाल ने 2490 मतों से विपिन वानखेड़े को हराया था।

परंपरागत रूप यह सीट भाजपा का अभेद किला रही है। वर्ष 2003 2008 2013 विधानसभा चुनाव एवं 2014 के उपचुनाव तक लगातार बीजेपी यहां से जीतती रही| 2018 में आगर सीट से बीजेपी के मनोहर ऊंटवाल जीते थे| 1998 में कांग्रेस के रामलाल मालवीय जीते थे। उसके बाद हुए चुनावो में भाजपा जीतती रही। इसके पूर्व 1952, 1972, 1985 और 1998 में चार बार ही कांग्रेस को सफलता मिली थी। यह पांचवां चुनाव कांग्रेस ने जीता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here