देर रात ग्रामीणों ने घेरा SDOP का बंगला, ये है मामला

दतिया। सत्येन्द्र सिंह रावत

सेवढा क्षेत्र में सेवड़ा पुलिस का एक नया विवाद सामने आ रहा है। जहाँ एक बार फिर टीआई रत्नेश यादव चर्चा में है। मामला ग्रामीणों के साथ पुलिस आरक्षकों पर प्राइवेट लोगो के साथ मदनपुरा के ग्रामीणों की मारपीट करने का आरोप है। जिस पर ग्रामीण ओर पुलिस के बीच कल रात हाई वोल्टेज ड्रामा चला ओर एक दूसरे आरोप लगाए।  सेवढा नगर में रात दस बजे तीन ट्रैक्टरों में भरकर आये डेढ़ सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने एसडीओपी सेवढा आरएस राठौर का बंगला घेर लिया । ग्रामीणों ने बंगले में मौजूद कर्मचारी से कई बार साहब को बुलाने का आग्रह किया। लेकिन साहब बंगले से बाहर नहीं निकले । तब ग्रामीणों ने बंगले के सामने ही मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टरों को आड़े लगा दिया और घायल महिला के साथ वहीं पर बैठ गए ।

तभी रात्रि समय करीब 10:28 पर एसडीओपी राठौर अपनी गाड़ी में बैठकर बंगले के बाहर निकले और सेवढा थाने की ओर चले गए। इसके तुरंत बाद सेवढ़ा टीआई रत्नेश यादव मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को धमकाते हुए बोले पहले चोरी ऊपर से सीना जोरी हमारे पास वीडियो हैं तुम लोगों के, तुम लोग रेत का ट्रेक्टर चलवाते हो हमारे पास आओ बात करो ये सब नाटक करोगे तो तुम लोगों के खिलाफ मुकद्दमा ठोकेंगे सही हो जाओगे। इस पर ग्रामीण भड़क गए । और रत्नेश यादव से हॉट टॉक तक हो गई । एक दूसरे को देखने की धमकी तक दे डाली ।

ग्रामीण महिला के साथ मारपीट करने बालों में शामिल प्रदीप शर्मा व अमित पाठक को बुलाने की बात पर अड़े रहे और रत्नेश यादव वहां से अपनी गाड़ी में बैठकर थाने चले गए । लगभग सवा घंटे चले इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीण थाने में पहुंचे वहां पर भी टीआई के द्वारा ग्रामीणों को धमकी मिलती रही और ग्रामीण मारपीट करने बाले प्रदीप शर्मा के साथ शामिल पुलिस बालों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते रहे । टीआई का कहना था कि महिला को प्रदीप शर्मा ने नहीं मारा है उस पर ग्रामीणों का कहना था की क्या हम लोगों ने मारा है तो टीआई ने कहा तुम जानो तुम्हारा काम जाने । वहीं पर मौजूद एसडीओपी राठौर ने समझाते हुए अबेदन देने को कहा और कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

क्या लिखा आवेदन में –

ग्रामीणों ने एसडीओपी को आवेदन दिया और आवेदन में लिखा कि हम ग्रामवासी शुक्रवार शाम 4:30 बजे अपने ट्रेक्टर से घरेलू सामान लेकर जा रहे थे तभी आरक्षक हरगोविंद जाटव,बृजेन्द्र खन्ना तथा प्रदीप शर्मा और अमित पाठक ने गाली गलौज की तब ट्रैक्टर को रोका तो लोहे की छड़ों और पत्थरों से हमला कर दिया जिसमे हमारे साथ गाँव के कुछ लोगों और महिलाओं को चोटें पहुँची । जब हम लोग थाने आने लगे तो इन लोगों ने बंदूक दिखाते हुए न जाने की धमकी दी। उक्त लोगों के द्वारा की गई मारपीट में महिला सरोज बघेल पत्नि विजय सिंह वघेल एवं सरदार वघेल पुत्र रघुनंदन वघेल निवासी मदनपुरा बुरी तरह से घायल हो गए ।

क्या है मामला

सेवढ़ा विधानसभा के आखरी छोर पर जंगलों में बसा मदनपुरा गांव जो सिंध नदी से सेवढ़ा से अलग होता है । वरसात के दिनों में नदी आने पर गांव के लोग महीनों सेवढ़ा नही आ पाते हैं चूंकि यहां पर सिंध नदी की रेत है जो अच्छी क्वालिटी की है इसकी मांग उत्तरप्रदेश के आगरा इटावा के साथ अन्य प्रदेशों में भी है । यहां पर रेत माफिया सक्रिय रहते है । यहां से वन विभाग,पुलिस,राजस्व एवम खनिज विभाग की मिलीभगत से जमकर रेत का अवैध उत्खनन होता है। यहां से रेत उत्खनन की वसूली प्रदीप शर्मा के द्वारा ही होती है। आपको बता दें कि सेवढा क्षेत्र में कोई रेत खदान स्वीकृत नहीं है।

आखिर कौन है प्रदीप शर्मा –

प्रदीप शर्मा को सेवढ़ा टीआई रत्नेश यादव के साथ देखा जा सकता है। सेवढा नगर में होने बाले दो नम्बर के कामों का पैसा प्रदीप शर्मा के द्वारा ही टीआई तक पहुंचता है । सूत्रों की माने तो थाना सेवढ़ा प्रदीप शर्मा ही चलाता है टीआई नाममात्र के लिए हैं । प्रदीप शर्मा अपने साथ अमित पाठक आरक्षक हरगोविंद जाटव और बृजेन्द्र खन्ना को लेकर मदनपुरा गया हुआ था उसको खबर लगी थी कि गांव के लोग विना एंट्री दिए रेत भर रहे हैं इस पर ये लोग वहां पहुंच गए थे और ग्रामीणों के साथ मारपीट के घटनाक्रम को अंजाम दिया ।

इनका कहना

इस सबंध में सेवड़ा टीआई रत्नेश यादव का कहना है कि कोई जाम नही लगाया गया था। मदनपुरा के ग्रामीणों ने एक मनगढ़ंत कहानी बनाई है। ये लोग नदी से अवैध रूप से बजरी भर रहे थे। जिस पर पुलिस ने कार्यवाही ओर टेक्टर पकड़ा तो ट्रेक्टर छुड़ाकर भाग लिये। इसके बाद एक कहानी बनाकर पुलिस के खिलाफ में आवेदन देने आ गए। पुलिस प्राइवेट लोगो से ही सूचना प्राप्त कर काम करती है।

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