कलेक्टर का तालिबानी फरमान, थूकने पर युवक को मिली यह सजा

कलेक्टर जमीन पर थूकने पर एक युवक को हाथ से उसका थूक साफ करवाते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, कलेक्टर साहब उस युवक को ऐसा ना करने के लिए तगड़ी डांट भी लगा रहे हैं।

डिंडौरी, डेस्क रिपोर्ट। डिंडौरी जिले (Dindori collector) के कलेक्टर का एक वीडियो (Video) जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें वो जमीन पर थूकने पर एक युवक को हाथ से उसका थूक साफ करवाते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, कलेक्टर साहब उस युवक को ऐसा ना करने के लिए तगड़ी डांट भी लगा रहे हैं।

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विवादों के घेरे में रहने वाले  डिंडौरी के कलेक्टर रत्नाकर झा (Collector Ratnakar Jha) का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल कलेक्टर साहब मंगलवार को जिला अस्पताल के दौरे पर थे और वहां पर उन्हें अचानक एक युवक जमीन पर थूकता मिल गया। बस फिर क्या था, कलेक्टर साहब ने उसकी जमकर क्लास लगाई, उसे डांटा और उससे बोले कि इस थूक को हाथ से साफ कर। तीन बार जमके डाटने के बाद उन्होंने युवक से थूक हाथ से साफ करवा ही लिया। अब सवाल यह है कि कलेक्टर की इस सजा के मायने क्या है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के लिए सरकार ने सजा निर्धारित कर रखी है जिसमें जुर्माना लिया किया जाता है। लेकिन कलेक्टर साहब ने यह अनोखी सजा दी।

यह पहला मौका नहीं है जब डिंडोरी के कलेक्टर विवादित रहे हैं। कुछ दिन पहले भी कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम उनके कक्ष में खड़े हुए नजर आए थे। कलेक्टर साहब कुर्सी पर बैठे थे और मीडिया कर्मी की मौजूदगी को देखकर कलेक्टर साहब न केवल भड़क गए थे बल्कि उसे अपने ऑफिस से बाहर करने का फरमान भी तेज आवाज में सुना दिया था। यह वही कलेक्टर साहब हैं जो भोपाल में एडीएम रहते हुए भोपाल गैस त्रासदी की बरसी की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठा चुके हैं। लेकिन सवाल यही है कि आखिरकार जब प्रदेश के मुख्यमंत्री संवेदनशील हैं और अधिकारी- कर्मचारियों से जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की समझाइशे समय समय पर देते रहते हैं तो आखिरकार अधिकारी इसका पालन क्यों नहीं करते और इस तरह की सजा देकर आखिरकार क्या साबित करना चाहते हैं।