जिला प्रशासन की लापरवाही से VVIP की बढी मुसीबत

भोपाल।
जिला प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही ने मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी को सकते में डाल दिया है। दरअसल प्रमुख सचिव स्वास्थ पल्लवी जैन गोविल कोरोना पॉजिटिव पाई गई है, हालांकि रिपोर्ट आने के बाद भी उन्होंने कल एक हेल्थ बुलेटिन जारी कोरोना के मरीजों के बारे में जानकारी दें लेकिन इस पूरे मामले में बड़ी बात यह है कि चार इमली के जिस इलाके में पल्लवी रहती हैं उसकी ट्रेवल हिस्ट्री के रिकॉर्ड में उनके पुत्र के विदेश से आने का रिकार्ड है।

जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई लिस्ट में पल्लवी जैन गोविल के पुत्र 1 मार्च से 31 मार्च के बीच विदेश से आए थे। लेकिन कोरोन्टाईन के नियमों का पालन किया गया या नहीं यह जानकारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है ।सबसे बड़ी बात यह है कि जिस व्यक्ति को भी को कोरोन्टाईन किया जाता है, उसके निवास के बाहर कोविड-19 का पोस्टर लगा दिया जाता है ।लेकिन पल्लवी जैन गोविल के बंगले के बाहर आज तक यह पोस्टर नहीं लगा है। साथ ही साथ पल्लवी जैन गोविल जिन्हे खुद कोरोन्टाइन में रहना था ,वे लगातार वीवीआईपी के साथ में मीटिंग लेती नहीं जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री ,मुख्य सचिव सहित स्वास्थ्य विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद थे ।यदि समय रहते जिला प्रशासन ने सही कार्यवाही की होती तो शायद आज स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप न मचा होता ।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन है। भोपाल का जिला प्रशासन या फिर खुद पल्लवी जैन गोविल जिन्हें खुद इस पूरे मामले में सही जानकारी देकर वीवीआइपी को सुरक्षित रखना चाहिए था।