मनरेगा के तहत मजदूरी मिलना शुरू, जबलपुर संभाग में साढ़े तीन लाख लोगों को मिला काम

जबलपुर/संदीप कुमार

कोरोना वायरस के बीच केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत मजदूरों को काम देने का सिलसिला शुरू कर दिया है। जबलपुर संभाग में ही साढ़े तीन लाख लोगों को मनरेगा के तहत काम दिया गया है। मजदूरों को रोजगार मिलने से काफी हद तक पलायन पर भी रोक लगी है।

लॉक डाउन में ढील के बाद खुलने के बाद अब सरकार ने तेजी से मनरेगा के कामो पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। बात करें अगर जबलपुर संभाग की तो यहाँ पर करीब साढ़े तीन लाख मजदूरों को मनरेगा में रोजगार मिला है, जिससे वो खुश है। मनरेगा के तहत मेड़ बाँधान-रोड बनाने का काम मजदूरों को मिलना लगा है, जिससे कि मजदूरों के चेहरे खिल उठे हैं। कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन में दो माह से घरों में बैठे मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिलने लगा है। जबलपुर संभाग कमिश्नर महेशचंद्र चौधरी की मानें तो मनरेगा को लेकर उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों से चर्चा की है। साथ ही उन्होंने बताया कि मनरेगा में पर्याप्त फंड भी है।

संभाग कमिश्नर का प्रयास आदिवासी बाहुल्य जिले में ज्यादा लोगों को मिले काम
मनरेगा में मजदूरों को पर्याप्त रोजगार मिले इसको लेकर जिला प्रशासन तमाम इंतजामा करें यह निर्देश संभाग कमिश्नर महेश चंद चौधरी ने कलेक्टरों को दिया है। खासतौर पर मंडला और डिंडोरी जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले जहां पर की ज्यादातर लोग मजदूरी पर ही निर्भर है, ऐसे में इन जिलों में मजदूरी को लेकर मजदूर परेशान न हो ये भी निर्देश संभाग कमिश्नर ने कलेक्टरों को दिए हैं।

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा डिंडोरी में है मनरेगा के मजदूर
लॉक डाउन में मिली राहत के बीच सरकार ने मनरेगा के तहत मजदूरों को मजदूरी देना शुरू कर दिया है। डिंडोरी जिले में मनरेगा के करीब 70 हजार मजदूर लगे हुए है जो कि प्रदेश में सबसे ज्यादा है। वही संभाग कमिश्नर ने बताया कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों के खाते में भी रुपये पहुँच रहे है। मनरेगा में पर्याप्त काम मजदूरों को मिल भी रहा है।

मजदूरी पाकर खुश हुए मजदूर
कोरोना वायरस के चलते लगे लॉक डाउन में मजदूर दो माह से बेरोजगर थे ऐसे में मनरेगा के तहत मजदूरी मिलने से मजदूरों के चेहरे खिल उठे है। मजदूर बताते है कि लॉक डाउन के कारण मजदूरी नही मिल रही थी खाने पीने की समस्या आने लगी थी, ऐसे में मनरेगा के तहत मिली मजदूरी ने संजीवनी का काम किया है। अब काम मिल रहा है तो पैसे भी मिलने लगेंगे।

जिला प्रशासन इस और दे ध्यान
मनरेगा में काम भले ही मिल गया है पर शासन के निर्देशों का पालन इसमे नहीं हो रहा है काम करने वाले मजदूर ना ही सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं और ना ही मास्क लगा रहे हैं जिस पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।