भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बंगाल की खाडी में बने नए सिस्टम से प्रदेशभर में झमाझम बारिश का दौर जारी है।नदी-नाले उफान पर आ गए है और बांधों के गेट खोल दिए गए है। लगातार बारिश से फसलें बर्बाद हो गई, घर ढह गए और सड़के भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।स्थिति ये है कि प्रदेश के 9 जिलों के 394 से ज्यादा गाँवों में भीषण बाढ़ आ गई है, हालांकि कोरोना के बाद आई इस आपदा के लिए शिवराज सरकार (Shivraj Sarkar) अलर्ट हो गई और मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ में फंसे 7 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज (CM Shivraj Singh Chouhaan) ने जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ (Flood) राहत के लिए बड़ी संख्या में राहत शिविर बनाए गए हैं जहां पर रूकने, भोजन, दवाओं आदि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।जबलपुर संभाग में छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर में सबसे अधिक बारिश हुई है। छिंदवाड़ा के बेलखेड़ा में 150 लोगों को सुरक्षित केम्प में पहुँचाया गया। यहां बाढ़ में फंसे मधु कहार को सुरक्षित निकाला गया। नर्मदा नदी की सहायक नदियों से आ रहे पानी के कारण जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इन्दौर संभाग में सर्वाधिक वर्षा खण्डवा में दर्ज की गई है। सागर संभाग के दमोह, छतरपुर, निवाड़ी भी अतिवर्षा से प्रभावित हैं तथा राहतगढ़ में कुछ परिवारों को कैम्प पहुँचाया गया है।

कई लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया
शनिवार को लगातार हो रही बारिश के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ और अतिवृष्टि ग्रस्त क्षेत्रों सीहोर, होशंगाबाद जिले और नर्मदा जी के किनारे स्थित क्षेत्र का हवाई दौरा किया ।शिवराज ने कहा किप्रदेश के तीन जिलों होशंगाबाद, सीहोर तथा रायसेन में कई गांव बाढ़ से घिर गए हैं। वहां फंसे अधिकतर लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। शेष को बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है। छिंदवाड़ा जिले में 5 व्यक्तियों को एयर लिफ्ट कर सुरक्षित बचाया गया है। रेस्क्यू कार्य के लिए वायु सेना के हेलीकाप्टर बुलाए गए थे, जो खराब मौसम के कारण नहीं आ पाए हैं। मौसम ठीक होते ही हेलीकाप्टर्स के द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाएगा। होशंगाबाद, रायसेन और सीहोर जिलों मे बाढ़ सहायता के लिए सेना बुलाई गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।

कंट्रोल रूम से रखी जा रही है नजर
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज पूरी रात वे स्वयं जागकर प्रदेश के बाढ़ राहत कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग करेंगे। इसके लिए उन्होंने अपने निवास कार्यालय को ही कंट्रोल रूम बना लिया है। वे इस विषम परिस्थिति में संयम और धैर्य रखें। बाढ़ में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा तथा शासन की ओर से हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने समाज सेवी संगठनों आदि सभी से आग्रह किया है कि वे बाढ़ राहत में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।

प्रशासन सतर्क, सेना अलर्ट

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष रूप से भोपाल, होशंगाबाद तथा जबलपुर संभाग में आगामी 48 घंटों में बन रही अतिवृष्टि की संभावनाओं को देखते हुए, जिला प्रशासन को निरंतर सतर्क रहने के निर्देश दिए। आवश्यकता होने पर सेना और वायुसेना की मदद ली जाए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नावों, गोताखोरों तथा उपकरणों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करें। निचली बस्तियों में पानी भरने की आशंकाओं को देखते हुए लोगों को समय रहते राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाए। शिविरों में कोरोना से बचाव की सभी सावधानियाँ बरती जाएं। अतिवृष्टि तथा बाढ़ से प्रभावित व्यक्ति डायल-100 तथा फोन नं. 1079 पर मदद के लिए संपर्क कर सकते हैं। नर्मदा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और विभिन्न बांधों के गेट खुलने तथा सहायक नदियों से आ रहे पानी के कारण होशंगाबाद, शाहगंज तथा बरेली में जिला प्रशासन को आगामी 10 दिन के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इन बांधों के गेट खोले गए, नदियां उफान पर
भोपाल, होशंगाबाद तथा जबलपुर संभाग में निरंतर अतिवर्षा जारी है तथा अगले 48 घंटों में भी वर्षा की संभावना है। साथ ही सागर तथा उज्जैन संभाग भी वर्षा से प्रभावित हैं। ग्वालियर संभाग भी इससे प्रभावित होगा। प्रदेश के सभी बांध लगभग भर गए हैं। तवा डेम के 13 में 13 गेट खोले गए हैं, इंदिरा सागर बांध के 22 गेट, ओंकारेश्वर में 23 में से 21 गेट, राजघाट बांध पर 18 में से 14 गेट, बरगी बांध 21 में से 17 गेट खोले गए हैं। सरदार सरोवर बांध भी हाई लेवल से 7 मीटर नीचे है। मण्डला तथा पेंच बांध के भी गेट खोले गए हैं।