MP उपचुनाव को लेकर क्या होगी पार्टियों की रणनीति, किस दांव की तैयारी में BJP-कांग्रेस

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

15 साल बाद सत्ता में लौटी और 15 महीने बाद ही कुर्सी से उतरी कांग्रेस सरकार(Congress Government) एक बार फिर से उपचुनाव(Bye election) के जरिए मध्य प्रदेश की सत्ता(Power of Madhya Pradesh) में लौटने के सपने देख रही है। जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी में मंथन का दौर जारी है। एक तरफ जहां कांग्रेस नए चेहरे को जगह देने की जगह वरिष्ठ पर दांव खेल सकती है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस इन 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी के लोकप्रिय चेहरे को भी मौका दे सकती है।

प्रदेश में लगातार जनता के बीच जाकर जनता के द्वारा ही चुनाव में प्रत्याशी उतारने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस काम कर रही है। गोपनीय नीतियों के साथ चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस(congress) जहां एक तरफ बीजेपी(BJP) पर निशाना साध रही है। वहीं शुद्धिकरण अभियान के तहत प्रदेश की जनता से संपर्क बनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए कांग्रेस ने रणनीति तय की थी कि जनता के सुझाव पर ही उपचुनाव के प्रत्याशियों का चुनाव किया जाएगा। एक तरफ जहां सत्ता में लौटने को आतुर कांग्रेस दिग्गजों को मैदान में प्लेकार्ड के रूप में इस्तेमाल करने को तैयार है। वहीँ सियासी गलियों में चर्चा आम है कि कांग्रेस अरुण यादव(Arun Yadav), चौधरी राकेश सिंह(Chaudhary Rakesh Singh), के अग्रवाल, प्रेमचंद गुड्डू(Premchand Guddu) और पारुल साहू जैसे दिग्गजों के नाम पर उपचुनाव में सहमति बना सकती है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने फिलहाल अब तक उम्मीदवारों को लेकर कोई चर्चा नहीं की है। बीजेपी की माने तो बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेसी चेहरे ही उपचुनाव के उम्मीदवार होने हैं।

बता दे कि मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं।प्रदेश में उपचुनाव की तिथि सितंबर तय की गई थी लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखकर अभी तक फ़िलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। वही सियासी गणनों की बात करें तो कांग्रेस के पास विधानसभा में अभी 89 विधायक हैं और उसे बहुमत के लिए 116 विधायकों की जरूरत है।जिसके लिए उसे 27 से 27 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी।जबकि बीजेपी के पास मौजूदा विधायक 107 है और सरकार में बने रहने के लिए बीजेपी को केवल 9 विधायकों की आवश्यकता है। अब ऐसे में देखना दिलचस्प है कि आगामी उपचुनाव में सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष की स्थिति क्या रहती है। हालांकि दोनों पार्टियों का एक दूसरे पर सियासी आरोप प्रत्यारोप जारी है।

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