मोबाईल के जरिए घर से शीतकालीन सत्र में भाग ले सकेंगे विधायक? सर्वदलीय बैठक में होगा फैसला

शीतकालीन सत्र को लेकर प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा का कहना है कि सत्र के लिए सारी तैयारियां हो चुकी है। कोरोनावायरस से जनप्रतिनिधियों को बचाने के लिए इस बार हम उन्हें मोबाइल से एक्सेस देकर घर से ही विधानसभा सत्र की कार्यवाही में भाग लेने की सुविधा देने के बारे में सोच रहे हैं।

भोपाल,डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) का शीतकालीन सत्र (Winter Session) 28 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जो कि 30 दिसंबर तक चलेगा। कोरोना काल (Corona Period) में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के मद्देनजर पहली बार विधायक (MLA) मोबाइल के जरिए घर से ही सत्र में भाग ले पाएंगे। साथ ही आम सहमति होने के बाद ही सदन चलाया जाएगा। एमएलए (MLA) द्वारा मोबाइल में एक्सेस लेकर घर से ही सत्र में भाग लेने का फैसला 27 दिसंबर को होने वाली सर्वदलीय बैठक में लिया जाएगा।

विधानसभा सत्र में कार्यवाही (Proceedings in assembly session) में दोनों तरफ से भाग लेने के विकल्प को लेकर विधानसभा सचिवालय (Assembly Secretariat) ने तैयारियां शुरू कर दी है। सत्र में विधायक उपस्थित होकर अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) के जरिए दोनों ही तरह से कार्यवाही में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। पिछली बार मॉनसून सत्र (Moonsoon Session) में विधायकों ने जिला मुख्यालय में बैठकर विधानसभा की कार्यवाही में भाग लिया था परंतु इस बार शीतकालीन सत्र में वह मोबाइल पर एक्सेस लेकर अपने घर से ही कार्यवाही में भाग ले सकेंगे।

विधानसभा में उपस्थित होकर भाग लेने वाले विधायकों के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की बीते मंगलवार से ही कोरोना की जांच शुरू हो गई है। 20 दिसंबर को विधानसभा सचिवालय ने पत्र लिखकर जिला कलेक्टरों को विधायकों की कोरोनावायरस रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। आगामी सत्र में मध्यप्रदेश उपचुनाव में चुने गए 28 नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी, साथ ही विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन होगा।

इसी दौरान धर्म स्वतंत्र बिल, अनुपूरक बजट के साथ अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि प्रदेश के सीएम के साथ ही 11 मंत्री और 32 विधायक कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, इस को ध्यान में रखते हुए कोरोना की जांच कराई जा रही है।

गौरतलब है कि कोरोनावायरस के चलते विधानसभा का कोई भी सत्र विधिवत आयोजित नहीं हो पाया है। साल की शुरुआत में होने वाला बजट सत्र भी कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को देखते हुए स्थगित कर दिया गया था और उसके कुछ समय बाद ही मध्य प्रदेश की सत्ता में परिवर्तन आया था, जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों ने कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम लिया था। वही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विशेष बैठक में विश्वास मत हासिल किया था।

वहीं शीतकालीन सत्र को लेकर प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा का कहना है कि सत्र के लिए सारी तैयारियां हो चुकी है। कोरोनावायरस से जनप्रतिनिधियों को बचाने के लिए इस बार हम उन्हें मोबाइल से एक्सेस देकर घर से ही विधानसभा सत्र की कार्यवाही में भाग लेने की सुविधा देने के बारे में सोच रहे हैं और इसकी तैयारी भी अमूमन हो चुकी है। वही 27 दिसंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शीतकालीन सत्र को लेकर रणनीति के बारे में चर्चा की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर पर बैठक रखी गई है। बैठक में 28 दिसंबर को देशव्यापी किसान आंदोलन के समर्थन और कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस द्वारा जो ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी और विधानसभा का घेराव किया जाएगा इसको लेकर चर्चा की जाएगी। बता देंगे 28 दिसंबर को कांग्रेस स्थापना भी दिवस है।