RBI Action: आरबीआई का बड़ा एक्शन, Paytm पेमेंट बैंक सहित इन 3 सहकारी बैंकों पर लगाया भारी-भरकम जुर्माना, ये है वजह

Manisha Kumari Pandey
Published on -
rbi action

RBI Action: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payments Bank) सही तीन सहकारी बैंकों पर कार्रवाई की है। तीनों सहकारी बैंक महाराष्ट्र के हैं। इनके नाम जनता अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (वाई), द ज्वाहर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (पालघर) और अन्नासाहेब मगर सहकारी बैंक (पुणे) हैं। इस बात की जानकारी आरबीआई ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

पेटीएम पेमेंट बैंक पर क्यों लगा जुर्माना?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड पर 5.39 करोड़ रुपये की पेनल्टी ठोकी है। केन्द्रीय बैंक के मुताबिक यह बैंक केवाईसी, 2016 के कुछ प्रावधानों, “भुगतान बैंकों के लाइसेन्स”, “दिन के अंत में अधिकतम शेष राशि में वृद्धि”और साइबर सुरक्षा घटनाओं की रिपोर्टिंग पर जारी किए आरबीआई के दिशानिर्देशों का अनुपालन करने में असफल रहा।

इन सहकारी बैंकों पर लगा जुर्माना

जनता अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर “धोखाधड़ी निगरानी और रिपोर्टिंग तंत्र” से संबंधित नियमों का अनुपालन करने में विफल रहा है। इसलिए बैंक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। केवाईसी से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में द ज्वाहर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 1 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। वहीं अन्नासाहेब मगर सहकारी बैंक पर गैर-लाभकारी कार्यों के लिए 4 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। यह बैंक केवाईसी, “जमा खातों में रखरखाव-प्राथमिक सहकारी बैंक” और “आय पहचान, संपत्ति वर्गीकरण, प्रावधान और इससे जुड़े अन्य मामलों पर रिजर्व बैंक के गाइडलाइन का पालन नहीं कर पाया।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर

रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा (46) (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के तहत कार्रवाई की है। यह भी स्पष्ट किया है कि यह एक्शन बैंकों के खामियों को देखते हुए लिया गया है। ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं होगा।


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News