FD Rules: RBI ने किए FD के नियमों में बदलाव, समय से पहले जान ले वरना हो सकता है नुकसान

यदि आप भी फिक्सड डेपोजित के जरिए अपने पैसे बचाते है तो ये खबर आपके काम की हो सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एफडी के जुड़े कई नियमों में बदलाव कर चुका है और ये नए नियम प्रभावी भी चुके हैं।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। FD Rules:- यदि आप भी फिक्सड डेपोजित के जरिए अपने पैसे बचाते है तो ये खबर आपके काम की हो सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एफडी के जुड़े कई नियमों में बदलाव कर चुका है और ये नए नियम प्रभावी भी चुके हैं। एफडी में ग्राहकों को बैंक द्वारा लंबे समय के बाद 5% का ब्याज दर देता है तो वहीं सेविंग अकाउंट पर करीब 3-4% का ब्याज दर होता है।

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दरअसल, नए नियमों के अनुसार मैच्योरिटी पूरी होने बाद पैसा निकालने पर उस पर एफडी का ब्याज नहीं मिलेगा,  इसलिए आपके लिए यह सही होगा कि आप मैच्योरिटी के बाद तुरंत ही पैसा निकाल लें। पहले FD के मैच्योरिटी के बाद यदि ग्राहक पैसा नहीं निकालते थे तो उनकी एफडी की अवधि बढ़ा दी जाती है और उन्हें ब्याज भी मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

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सभी स्मॉल फाइनेंस बैंक, कमर्शियल बैंक, सहकारी बैंक,  क्षेत्रीय बैंक के लिए आरबीआई ने ये निर्देश जारी किए हैं। अगर फिक्स्ड डिपॉजिट की मैच्योरिटी हो जाती है और राशि का भुगतान नहीं हो पाता है तो उस पर ब्याज दर सेविंग अकाउंट के हिसाब से या एफडी के हिसाब से ब्याज दर लागू की जाएगी, इस जो भी कम होगा उसे भी दिया जाएगा। मान लीजिए कि आपने 5 साल की मैच्योरिटी वाली एफडी जो मैच्योर हो चुकी है और आप जब पैसा निकालने जा रहे हैं तो आपके पास दो परिस्थितियां सामने आती है:-

  • अगर एफडी पर मिल रहा ब्याज उस बैंक के सेविंग अकाउंट पर मिल रहे ब्याज से कम है तो आपको एफडी वाला ब्याज ही मिलता रहेगा।
  • अगर मिल रहा ब्याज सेविंग अकाउंट पर मिल रहे ब्याज से ज्यादा है तो आपको सेविंग अकाउंट पर मिल रहा ब्याज  मैच्योरिटी के बाद मिलेगा।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। कृपया विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।