GST Council Meeting: ऑनलाइन कारोबारियों को राहत, किसानों और आमजन को लगा झटका, जाने

GST Council Meeting: ऑनलाइन कारोबारियों को राहत, किसानों और आमजन को लगा झटका, जाने

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। GST Council Meeting:- आज यानी 29 जून 2022 को जीएसटी काउंसिल के दो दिवसीय मीटिंग का समापन हुआ।  इस दौरान कई अहम फैसले लिए गए। चंडीगढ़ में यह मीटिंग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इस मीटिंग के दौरान जरूरी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। जीएसटी मुआवजा बढ़ाने, ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो का प्रस्ताव भी इस दौरान पेश किया गया, जिस पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है और अगले मीटिंग के लिए टाल दिया गया है। इसका फैसला अगस्त में आयोजित होने वाली जीएसटी काउंसिल मीटिंग में लिया जाएगा।

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रेस्टोरेशन पैनल एक्सटेंशन और इन्वर्टर ड्यूटी के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी गई है। हालांकि क्रिप्टो करेंसी के मुद्दे को इस बैठक से बाहर रखा गया और ऑनलाइन गेमिंग पर बाद में चर्चा करने की बात कही गई। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी दायरे में लाया जाएगा या नहीं इसका फैसला भी अभी तक नहीं हो पाया है। कुछ ऐसी चीजें भी है जिन पर जीएसटी की मार पड़ने वाली है, इसमें प्रीपैकेज्ड और लेबल वाले आटा-चावल शामिल है, भले ही वो गैर ब्रांडेड ही क्यों ना हो उन पर ही 5% की दर से टैक्स लगेगा। मीट, मछली, दही, पनीर और शहद जैसे प्रीपेड और लेबल्ड खाद्य पदार्थों पर भी 5% टैक्स लगेगा।

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पिछले दिन होटल के कमरों पर लगने वाले टैक्स की भी चर्चा हुई थी। अब ₹1000 प्रतिदिन से कम के होटल के कमरों पर 12% के दर से टैक्स लगाया जाएगा। वहीं हॉस्पिटल के कमरे जिनकी कीमत 5000 रुपए से अधिक है, उनपर 5% की दर से टैक्स लगाया जाएगा। वहीं पंपसेट पर भी जीएसटी दर को 5% बढ़ा दिया गया है। अब पंपसेट पर 12% नहीं 18% का टैक्स लगेगा, जिससे किसानों पर महंगाई की मार पड़ सकती है। साथ ही बैंक द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क पर भी जीएसटी लगने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी गई है। इस जीएसटी काउन्सील का फायदा छोटे ऑनलाइन कारोबारियों को मिलेगा। उनके लिए एक अहम फैसला लिया गया है, उनके द्वारा जीएसटी पंजीकरण को माफ कर दिया गया है। यह बदलाव 1 जनवरी 2023 से लागू किए जाएंगे।

Manisha Kumari Pandey
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