NPS New Rules: नेशनल पेंशन सिस्टम के नियमों में हुआ बदलाव, 1 अप्रैल से लाभार्थियों को करना होगा ये काम

Manisha Kumari Pandey
Published on -

NPS New Rules: नेशनल पेंशन सिस्टम के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। निकासी से जुड़े नए नियम 1 अप्रैल, 2023 से लागू हो जाएंगे। जिसका पालन सभी सब्स्क्राइबर्स को करना होगा। पेंशन फंड रेगुलेटरी एन्ड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने सलाना पेंशन की निकासी के लिए केवाईसी दस्तावेजों को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है लाभार्थियों को सलाना पेंशन पाने के लिए Know Your Customer (KYC) से जुड़े दस्तावेजों को अपलोड करना होगा। यह निर्णय पीएफआरडीआर ने सलाना पेंशन भुगतान में तेजी लाने के लिए लिया है।

एनपीएस लंबी अवधि के लिए निवेश का अच्छा विकल्प माना जाता है। जिसका लाभ सीनियर सिटीजंस को रिटायरमेंट के बाद मिलता है। इस प्लान के तहत उन्हें बढ़ी राशि प्राप्त होती है। साथ ही सब्स्क्राइबर्स को इनकम टैक्स डिपार्ट्मेंट की धारा 80-CCD (1B) के तहत 50 रुपये और धारा 80- C के तहत 1.5 लाभ रुपये का लाभ मिलता है।

इससे पहले फरवरी में PFRDA द्वारा इंश्योरेंस रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी के सहयोग से एन्म्यूटी खरीदने की प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा भी की गई थी। जिसके तहत निकासी के दौरान नॉडल ऑफिसर्स के पास एनपीएस निकासी फोरम जमा करवाना होता था। इस फॉर्म का उपयोग लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों/एन्म्यूटी सर्विस प्रवाइडर्स द्वारा सलाना पेंशन जारी करने की प्रक्रिया में किया जा सकता है।

साथ ही इस दौरान पीएसआरडीए द्वारा यह भी कहा गया था कि सभी नॉडल ऑफिसर यह सुनिश्चित करना होगा कि सब्स्क्राइबर्स कुछ चुनिंदा दस्तावेजों को अपलोड करें। साथ ही अपलोड किये गए दस्तावेज पढ़ने लायक होने चाहिए। इस डॉक्युमेंट्स में एनपीएस विथ्ड्रॉल फॉर्म, फॉर्म के पहचान और पते का प्रूफ, परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर की कॉपी और बैंक अकाउंट का प्रूफ शामिल हैं।

 

 


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News