एक समय मोदी के साथ खिचवाई थी फोटो, एक ट्वीट ने बर्बाद किया अरबों का साम्राज्य, ₹74 में बेचनी पड़ी कंपनी

यह कहानी उस व्यक्ति की है जिसने गरीबी से लेकर अमीरी तक और अमीरी से लेकर गरीबी तक का सफर देखा। यह व्यक्ति और कोई नहीं, भारतीय मूल के बिजनेसमैन व पूर्व अरबपति बी. आर. शेट्टी हैं।

शेट्टी के जीवन में सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन फिर अचानक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर किए गए एक ट्वीट ने उनके पूरे साम्राज्य को बर्बाद कर दिया।

शेट्टी का जन्म 1942 में कर्नाटक के उडुपी जिले के कपू शहर में एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक दवाई कंपनी में दवाई बेचने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में की थी। जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तो उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि एक दिन वह अपनी खुद की दवाई कंपनियां खड़ी कर लेंगे।

$8 रुपए महीना से की थी शुरुआत

शेट्टी ने अपने करियर की शुरुआत 31 साल की उम्र में की थी। जब वह अपने करियर की दिशा निर्धारित कर रहे थे, उस समय उन्होंने एक दवाई कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम किया, जहां उन्हें लगभग $8 यानी कि भारतीय रुपयों में लगभग 665 रुपए प्रति महीना सैलरी मिलती थी। करियर की शुरुआत में वह सेल्समैन के रूप में घर-घर जाकर दवाइयां बेचते थे, जिससे उन्हें स्थानीय लोगों के संपर्क में आने का अच्छा मौका मिला। उनका स्थानीय लोगों के साथ अच्छा संबंध स्थापित हो गया, साथ ही साथ शेट्टी ने कई प्रभावशाली लोगों के साथ भी अपने संबंध अच्छे बनाए।

करियर की शुरुआत के कुछ सालों के बाद ही उन्होंने अपना खुद का एक अस्पताल शुरू किया, जिसे डॉक्टर के रूप में उनकी पत्नी चलाती थीं। वहीं, उन्होंने 1975 में एक नया मेडिकल सेंटर हेल्थ की शुरुआत की। यह यूनाइटेड अरब अमीरात का पहला प्राइवेट स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली कंपनी थी। देखते ही देखते कुछ ही समय में यह कंपनी दुबई की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन गई।

यह था वह ट्वीट

शेट्टी के जीवन में सब कुछ अच्छे से चल रहा था, और वह लगातार तरक्की की राह पर थे। लेकिन साल 2019 में उनकी किस्मत ने एक ऐसा मोड़ लिया, जिसके कारण उन्हें अपनी कंपनी मात्र ₹74 में बेचनी पड़ी।

दरअसल, साल 2019 में यूनाइटेड किंगडम बेस्ड मडी वॉटर नामक रिसर्च संस्था ने ट्विटर पर ट्वीट कर बी.आर. शेट्टी की कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। मडी वॉटर ने एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें उन्होंने बताया कि बी.आर. शेट्टी की कंपनियों पर लगभग एक बिलियन डॉलर का कर्ज है, जिसे उन्होंने अपने निवेशकों और जनता से छिपा रखा था।

मडी वॉटर का कहना था कि शेट्टी ने अपने लोन और कैश फ्लो के आंकड़ों को गलत तरीके से बताया है। इस खुलासे के बाद बी.आर. शेट्टी की कंपनियों के शेयर्स के हवाले निकल गए । देखते ही देखते कुछ ही समय में हालात ऐसे बन गए कि बी. आर. शेट्टी को अपनी करोड़ों रुपए की कंपनी मात्र ₹74 में इजरायल-यूएई कंसोर्टियम को बेचनी पड़ी। साथ ही, यूनाइटेड अरब अमीरात के सेंट्रल बैंक ने उनके बिजनेस को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया।


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Ronak Namdev

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मैं रौनक नामदेव, एक लेखक जो अपनी कलम से विचारों को साकार करता है। मुझे लगता है कि शब्दों में वो जादू है जो समाज को बदल सकता है, और यही मेरा मकसद है - सही बात को सही ढंग से लोगों तक पहुँचाना। मैंने अपनी शिक्षा DCA, BCA और MCA मे पुर्ण की है, तो तकनीक मेरा आधार है और लेखन मेरा जुनून हैं । मेरे लिए हर कहानी, हर विचार एक मौका है दुनिया को कुछ नया देने का ।

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