इन 3 बैंकों ने किया नियमों का उल्लंघन, RBI ने उठाया सख्त कदम, ठोका भारी जुर्माना, कहीं इनमें आपका Account तो नहीं?

तीन बैंकों पर आरबीआई का डंडा चला है। भारी मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इस संबंध में केन्द्रीय बैंक ने बयान भी जारी किया है। आइए जानें ग्राहकों पर इस कार्रवाई का प्रभाव पड़ेगा या नहीं?

Manisha Kumari Pandey
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फरवरी महीने में कई बैंकों के खिलाफ बैंकों और एनबीएफसी के खिलाफ एक्शन ले चुका है। इस लिस्ट में तीन और बैंक शामिल हो चुके हैं। इन बैंकों पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। आरबीआई ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 35 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना इन तीनों बैंकों पर लगाया गया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक में 27 फरवरी 2025 को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

ये तीनों बैंक महाराष्ट्र में स्थित हैं। बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 33.30 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है। नासिक में स्थित द लासलगाँव मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और द बिजनेस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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आखिरी आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम? (RBI Monetary Penalty)

द बिजनेस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निर्धारित समय के भीतर पात्र दावा न की गई राशि को जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष में ट्रांसफर करने में विफल रहा। द लासलगाँव मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने लोन को चुकाने के लिए अतिरिक्त ऋण सुविधा स्वीकृत की थी। वहीं बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने ऐसे बिजनेस में भाग लिया और आय अर्जित किया है, जो बैंकिंग रेगुलेटर एक्ट 19949 के तहत अनुमत नहीं था।

ग्राहक न लें टेंशन (Bank News)

आरबीआई ने इस बात की पुष्टि भी कर दी है कि इस कार्रवाई का प्रभाव ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे लेनदेन या समझौते पर नहीं पड़ेगा। इसलिए यदि आपका खाता इन बैंकों में है तो चिंता की जरूरत नहीं है। आरबीआई सभी बैंकों को रेगुलेट करता है। नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करता है। दिशा निर्देशों का सही अनुपालन न होने पर सख्त कदम उठाता रहता है।  31 मार्च  को संवैधानिक निरीक्षण के दौरान इन बैंकों द्वारा नियमों में उल्लंघन का खुलासा हुआ था। जिसके बाद आरबीआई द्वारा कारण बताओं नोटिस जारी किया गए किया। आगे जी जांच में जब आरोपों की पुष्टि हो गई, तब मॉनेटरी पेनल्टी लगाने का फैसला सुनाया गया।

 


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